नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। युवाओं के लिए नागरिकता के बदल रहे महत्व को जानने की कोशिश के तहत विभिन्न क्षेत्रों से युवा ‘संविधान लाइव’ के राष्ट्रीय जश्न ‘जागरिक प्रोजेक्ट’ के तहत एक मंच पर इकट्ठा होंगे।
यह आयोजन कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 24 जनवरी को अपरान्ह तीन बजे से शाम सात बजे के बीच किया जाएगा।
आयोजन के संयोजक अशरफ पटेल ने कहा, “हमने संविधान लाइव के एक और प्रोजेक्ट, जागरिक प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया है। हम इस पहल के प्रभाव और इसके प्रति लोगों के उत्साह से बेहद खुश हैं। 26 नवम्बर 2016 को राष्ट्रीय संविधान दिवस के उपलक्ष्य में, 100 से अधिक जागरूक नागरिकों या जागरिकों ने इसमें हिस्सा लिया और हर व्यक्ति के जीवन में संविधान का महत्व जानने का प्रयास किया।”
उन्होंने कहा, “जहां एक ओर हम भारत की समृद्ध विरासत और विविधता का जश्न मनाते हैं, वहीं दूसरी ओर हमें नागरिकों के रूप में अपनी सामूहिक नाकामियों पर भी ध्यान देना चाहिए। यही एकमात्र कहानी है जो हम सभी लोगों के साथ जुड़ी है।”
उन्होंने कहा कि 2016-17 में 16 राज्यों के 18000 से अधिक लोगों के साथ किए गए एक सर्वेक्षण ‘लिविंग द संविधान सर्वे’ में पाया गया कि संवैधानिक जागरुकता पर नागरिकों का औसत स्कोर मात्र 36 फीसदी है। वहीं दूसरी ओर पांच सप्ताह तक रिएल्टी टास्क में हिस्सा लेने वाले 500 युवा लोगों ने इसी सर्वेक्षण में 70 फीसदी स्कोर हासिल किया।
उन्होंने कहा कि अभियान का पहला चरण इतना कामयाब रहा कि इसे सोशल मीडिया फॉर एम्पावरमेन्ट अवॉर्ड के चौथे संस्करण में कम्युनिकेशन, एडवोकेसी एंड डेवलपमेन्ट एक्टिविज्म कैटेगरी में स्पेशल मेंशन का दर्जा मिला। साथ ही देश भर के संगठनों और संस्थानों से भी इसे बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
24 जनवरी 2018 को इस प्रोग्राम के समापन पर देश के 14 राज्यों से टॉप ‘जागरिकों’ को दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा और उन्हें जाने-माने राजनीतिज्ञों और प्रवक्ताओं के साथ बातचीत करने का मौका भी मिलेगा।
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