कोलकाता, 12 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने संसद के मानसून सत्र के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को रोकने को लेकर कांग्रेस के अड़ियल रुख की शनिवार को आलोचना की।
उन्होंने इस बात को दोहराया कि अगर विपक्ष विधेयक पर चर्चा के लिए सहमत होता है, तो सरकार शीतकालीन सत्र को पहले बुलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नायडू ने यहां स्मार्ट सिटी पर एक कार्यशाला से अलग संवाददाताओं से कहा, “यदि विपक्ष सहमत होता है, तो हम शीतकालीन सत्र पहले बुला सकते हैं और राज्यों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया तेजी से निपटा सकते हैं। कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं, जिनपर चर्चा कर उसे दूर किया जा सकता है। अगर उनके पास कुछ बिंदु हैं, तो वे उसपर सदन में चर्चा कर सकते हैं।”
उन्होंने जीएसटी विधेयक पर तृणमूल कांग्रेस के सहयोग पर खुशी जताई।
कांग्रेस के रुख पर नायडू ने कहा, “पहले उन्होंने देश को सालों पीछे धकेल दिया और अब विपक्ष में रहकर भी वे नहीं चाहते कि देश आगे बढ़े। राजनीतिक भाषणबाजी से वह अपना खोया जनाधार प्राप्त नहीं कर सकते।”
उन्होंने जीएसटी विधेयक पर कांग्रेस पर अपने दृष्टिकोण से पीछे हटने का आरोप लगाया।
नायडू ने कहा, “इस विधेयक का मसौदा सात साल पहले ही कांग्रेस ने तैयार किया था और इसपर पहले ही काफी चर्चा हो चुकी है। लोकसभा ने इसे दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया है, इसके बावजूद कांग्रेस के हमारे मित्र इसे प्रवर समिति को भेजने को कह रहे हैं। मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के हमारे मित्र क्यों इसका विरोध कर रहे हैं।”
उन्होंने कांग्रेस से देश और जनता की बेहतरी के लिए सोचने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि जीएसटी विधेयक को नवंबर-दिसंबर में शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में लाए जाने की संभावना है।
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