नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। इंडोनेशिया की योजना भारतीय पर्यटकों को मुफ्त वीजा की सुविधा के जरिए अपने यहां बुलाने के लिए प्रोत्साहित करने की है। दुनिया से जितने पर्यटक इंडोनेशिया जाते हैं, उसके आधे से भी कम भारतीय इंडोनेशिया की यात्रा पर जाते हैं। इंडोनेशिया का कहना है कि भारत उसके लिए ‘बड़ा बाजार’ है और उसने तय किया है कि वह भारतीयों को अपने यहां की यात्रा करने के लिए मुफ्त वीजा उपलब्ध कराएगा।
इंडोनेशिया के पर्यटन निदेशक विनसेनसीअस जेमुदा इंडोनेशियाई पर्यटन को बढ़ावा देने और भारतीयों को इंडोनेशिया की तरफ आकृष्ट करने के मकसद से भारत आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया और भारत के अच्छे संबंध हैं जिससे अधिक पर्यटकों को आकृष्ट करने में मदद मिलेगी। इंडोनेशिया साउथ एशियन टूरिज्म एंड ट्रैवल एक्सपो-2016 में भी हिस्सा ले रहा है।
जेमादु ने कहा कि दुनिया भर से हर साल करीब एक करोड़ लोग इंडोनेशिया की यात्रा करते हैं। भारत से केवल 270,000 लोग आते हैं।
जेमादु ने आईएएनएस से कहा, “यह देखते हुए कि भारत एक बड़ा बाजार है, इंडोनेशिया सरकार ने भारतीयों को मुफ्त वीजा देने का फैसला किया है। हमारी कोशिश है कि इस साल साढ़े तीन लाख भारतीय पर्यटक इंडोनेशिया आएं। यह एक बड़ी चुनौती है। भारत से आने वाले अधिकांश लोग बाली की यात्रा करते हैं। शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें अन्य जगहों के बारे में पता नहीं है। हम चाहते हैं कि वे हमारे देश की अन्य जगहों को भी देखें।”
इंडोनेशिया के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन की हिस्सेदारी नौ फीसदी है। उन्होंने कहा कि इसे 2019 तक बढ़ाकर 15 फीसदी करने का लक्ष्य है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच संपर्क का सीधा साधन नहीं होने पर चिंता जताते हुए जेमुदा ने कहा, “अभी तक दोनों देशों के बीच कोई सीधी विमान सेवा नहीं है। भारतीयों को सिंगापुर या मलेशिया होकर इंडोनेशिया पहुंचना होता है। यह सही नहीं है क्योंकि इससे धन और समय दोनों अधिक खर्च होता है।”
उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मसले को सुलझा लिया जाएगा। दोनों देशों की सरकारों ने सीधी विमान सेवा पर सहमति जता दी है। उम्मीद है कि मार्च या अप्रैल तक मुंबई से बाली के लिए विमान सेवा शुरू हो जाएगी। इंडोनेशिया की विमान सेवा गरुड़ ने दोनों देशों के बीच उड़ान शुरू करने पर रजामंदी दे दी है।
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