कोलकाता, 12 सितम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित 64 फाइलों को सार्वजनिक करने की घोषणा के मद्देनजर, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर इसके प्रभाव का आकलन कर रही है।
ये फाइलें नेताजी के सन् 1945 में गायब होने से संबंधित सवालों का जवाब दे सकती हैं।
नायडू ने हालांकि राज्य सरकार के कदम का स्वागत किया।
राज्य सरकार के कदम पर उनकी राय पूछे जाने पर नायडू ने कहा, “मैं इसका स्वागत करता हूं और यदि पश्चिम बंगाल सरकार इसे सार्वजनिक करती है, तो अच्छी बात है। लेकिन मुझे यह नहीं पता कि ऐसा करने से दूसरे देशों के साथ हमारा संबंध कितना प्रभावित होगा।”
स्मार्ट सिटी पर यहां एक कार्यशाला में मंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “केंद्र सरकार व संबंधित मंत्रालय व्यावहारिक समस्याओं को बेहतर तरीके से जानती है और वे इसका अध्ययन कर रहे हैं। केंद्र को सोचना पड़ रहा है, क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय संबंधों से संबंधित है। इसीलिए इसे ध्यान में रखकर ही केंद्र कोई फैसला करेगा।”
नायडू ने कहा, “एक व्यक्ति के रूप में मैं भी यह महसूस करता हूं कि सच्चाई को आज या कल सामने आना चाहिए। देश के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि नेताजी का आखिर हुआ क्या था।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हालांकि इस बात से आश्वस्त किया है कि आंतरिक व बाह्य सुरक्षा के आकलन के बाद ही दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की घोषणा की गई है।
ममता ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ये दस्तावेज आंतरिक व बाह्य सुरक्षा से संबंधित हैं।”
सभी 64 फाइलों को लोगों के देखने के लिए शहर की पुलिस के अभिलेखागार में 18 सितंबर से रखा जाएगा।
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