तिरुवनंतपुरम, 26 नवंबर (आईएएनएस)। रिकार्ड संख्या में मोतियाबिंद का सफल आपरेशन करने के बाद अब केरल के नेत्र विशेषज्ञों ने नेत्रदान के बारे में जन जागरूकता का बीड़ा उठाया है।
तिरुवनंतपुरम, 26 नवंबर (आईएएनएस)। रिकार्ड संख्या में मोतियाबिंद का सफल आपरेशन करने के बाद अब केरल के नेत्र विशेषज्ञों ने नेत्रदान के बारे में जन जागरूकता का बीड़ा उठाया है।
वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक वी. साहासेरेनामम ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, “बहुत पहले की बात नहीं है जब केरल में नेत्रहीनता के 70 फीसदी मामलों की वजह मोतियाबिंद हुआ करता था। इसकी सर्जरी में सफलता से ये संख्या घटी है। अब हम मधुमेह जनित रेटिनोपैथी (डीबी) और कॉर्निया से संबंधित नेत्रहीनता के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। साथ ही लोगों को नेत्रदान के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे।”
उन्होंने शुक्रवार से शुरू हो रही केरल सोसाइटी आफ आप्थामालाजिस्ट्स सर्जन्स (केएसओएस) के तीन दिवसीय 42वें सम्मेलन के बारे में भी जानकारी दी।
केएसओएस के आंकड़ों के मुताबिक केरल में बीते साल मोतियाबिंद के 1.36 लाख आपरेशन किए गए थे। इस साल अब तक 1.43 लाख आपरेशन हो चुके हैं।
साहासेरेनामम ने कहा, “डीआर को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। चूंकि केरल में मधुमेह के मामले बहुत अधिक है, इसलिए स्वाभाविक है कि यहां बहुत से लोग डीआर से प्रभावित होंगे। ऐसे मरीजों में समस्या की शुरूआत में ही पहचान और सही इलाज उन्हें राहत दे सकता है। इसी तरह ग्लूकोमा से भी निपटा जा सकता है।”
केएसओएस के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य में नेत्रदान की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सोसाइटी की तरफ से इस साल अभी तक 17500 स्कूली बच्चों के बीच चश्मा बांटा जा चुका है।
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