नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत सरकार द्वारा भूकंप प्रभावित नेपाल में बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे राहत प्रयासों के समानांतर देश के विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन भी पीड़ितों की ओर मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं।
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत सरकार द्वारा भूकंप प्रभावित नेपाल में बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे राहत प्रयासों के समानांतर देश के विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन भी पीड़ितों की ओर मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं।
आर्य समाज, आर्ट ऑफ लिविंग और हरिद्वार स्थित गायत्री परिवार जैसे संगठन हिमालय की गोद में बसे इस देश में चिकित्सक, दवाएं और स्वयंसेवकों को भेज रहे हैं।
25 अप्रैल को आए इस भीषण जलजले की तस्वीरें और खाते प्रकाशित कर ये संस्थाएं धन और अन्य जरूरी सामान इकट्ठा करने में जुटी हुई हैं। रिक्टर पैमाने पर 7.9 तीव्रता वाले इस भूकंप में 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
मध्य दिल्ली स्थित आर्य समाज मंदिर के वरिष्ठ सदस्य सुशील त्रिपाठी ने आईएएनएस से कहा, “हमने नेपाल में तकरीबन पांच गांव गोद लेने का फैसला किया है। हमारा एक दल सौर कुकर, लाइटें और पैकेट बंद खाना बांटने के लिए काठमांडू पहुंच चुका है।”
नेपाल के लोगों को हरसंभव मदद सुनिश्चित करते हुए योगगुरु बाबा रामदेव ने नेपाल के विभिन्न हिस्सों में रक्त दान शिविर लगाने की घोषणा की है।
रामदेव के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला ने आईएएनएस से कहा, “नेपाल में आई इस आपदा में रामदेव ने अनाथ हुए 500 बच्चों को गोद लेने का भी फैसला किया है।”
योग गुरु ने नेपाल में प्राथमिक दवाएं, खाना, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूíत जारी रखने का वादा किया है।
नेपाल में जिस दौरान यह प्राकृतिक आपदा आई उस समय संयोग से बाबा रामदेव वहीं पर थे। वह पतंजलि की नेपाल इकाई द्वारा आयोजित एक योगशिविर में शामिल होने के लिए वहां गए थे।
बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.एम. पिप्पल ने आईएएनएस से कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे भीषण तबाही है।”
उन्होंने कहा, “यद्यपि पूरी दुनिया से बहुत से लोग नेपाल की सहायता कर रहे हैं लेकिन उन्हें इस त्रासदी से उबरने के लिए हमारी जरूरत है।”
पिप्पल ने कहा, “एक बात तो साफ है कि पीड़ितों को इस आपदा से उबरकर सामान्य जीवन में लौटने में सालों का वक्त लगेगा। लेकिन अगर उन्हें अपने पड़ोसी देश से सहायता मिलना जारी रहे तो वे जल्द ही इस समस्या से उबर सकेंगे।”
संस्थान नेपाल में चिकित्सक और सहयोगी भी भेज रहा है।
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के विनोद बंसल ने बताया कि हिंदू हेल्पलाइन और इंडिया हेल्पलाइन के सहयोग से नेपाल में सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य राजदूतों को नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सकों का एक दल पहले से ही नेपाल पहुंच गया है।
इसके प्रबंधक गौरी शंकर शर्मा ने कहा, “हमने नेपाल के विभिन्न हिस्सों में दवाएं भेजने के लिए दो अलग-अलग दल भेजे हैं। जरूरतमंदों के इलाज के लिए अहमदाबाद और मुंबई से सर्जन, फिजीशियन और ऑर्थोपेडिक्स को नेपाल भेजा गया है।”
उन्होंने कहा कि घरेलू सामग्री लेकर 20 वाहन नेपाल में प्रवेश कर गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, “कुल 150 कार्यकर्ताओं को नेपाल भेजा गया है।”
प्राकृतिक आपदाओं के समय सहायता में सबसे आगे रहने वाले समाजसेवी संगठन रामकृष्ण मिशन ने पूरे नेपाल में सामुदायिक रसोई और रात को ठहरने के लिए आश्रय बनाए हुए हैं।
एक वरिष्ठ सदस्य ने आईएएनएस से कहा, “खाद्य पदार्थ जैसे कि पोहा, बिस्किट, चॉकलेट और पानी की बोतलें वितरित किए जा रहे हैं।”
आर्ट ऑफ लिविंग के एक प्रवक्ता ने बताया कि काठमांडू में संस्था के केंद्र को आश्रय स्थल में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि समूह पीड़ितों को राहत सामग्री और खाना भी उपलब्ध करा रहा है।
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