पणजी, 27 मार्च (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि कोई राष्ट्र अपनी नौसेना की उपेक्षा कर महाशक्ति नहीं बन सकता।
पर्रिकर भारतीय नौसेना की केवल महिला चालकों के जलमार्ग से पहले विश्व दौरे के लिए गोवा में बनाए जा रहे पोत के निर्माण के शुभारंभ पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “जो देश समुद्री शक्ति की अवहेलना करता है, वास्तव में महाशक्ति नहीं बन सकता। भारत को यह महाशक्ति का दर्जा हासिल करने की जरूरत है जिसके लिए हमें अपने लोगों में ऐसा ही उत्साह बरकरार रखने की जरूरत है।”
यह पोत जब बन जाएगा, तब इसका नामकरण किया जाएगा। इसके चालक दल की सभी सदस्य नौसेना की महिलाएं होंगी और यह जहाज विश्व दौरे पर जाएगा।
पर्रिकर ने कहा, “यह पहली महिला टीम है। हालांकि मैं पुरुष और महिला में अंतर नहीं समझता, फिर भी मुझे लगता है कि कुछ पहला है तो उनके साहस को प्रोत्साहित करना चाहिए।”
अब से एक साल बाद जल मार्ग से विश्व भ्रमण पर रवाना होने से पहले चालक दल की सभी सदस्यों को भारतीय तट से 2000 किलोमीटर दूर मारीशस के निकट प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पर्यटन के लिए दुनिया भर के सबसे अच्छे समुद्रतटों में शुमार मारीशस में प्रशिक्षण पर पर्रिकर ने परिहास भी किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के लिए मारीशस जाना एक अच्छी जगह है।
उन्होंने कहा, “आप लोगों ने एक अच्छी जगह चुनी है। आप लोग मारीशस जा सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि आप सब मारीशस में इन्हें आनंद लेने की इजाजत देंगे।”
उन्होंने टीम को शुभकामना दी और उनसे रिकार्ड समय में विश्व भ्रमण पूरा करने का आग्रह किया।
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