उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच शक्तियों का अलग होना जरूरी है। न्याय प्रक्रिया पर विद्वानों का चिंतन हमारा मार्गदर्शन करने में सक्षम है। हमेशा से न्यायपालिका, विधायिका एक-दूसरे के पूरक रहे हैं।
योगी ने कहा कि ये गौरव का विषय है कि मनीषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमेशा मार्गदर्शन किया है। न्यायपालिका ने ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जिन्होंने देश की दिशा बदली।
उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 9 लाख मामले लंबित हैं। जब हाईकोर्ट की स्थापना हुई थी तो यहां 6 जज थे। अब यहां 160 जज हैं।
योगी ने कहा कि कानून से ही शिकायतों का हल निकलता है। न्यायिक प्रणाली पर चिंतन अमूल्य है। यहां तक कि कानून का स्थान शासक से बढ़कर है। न्याय व विधि एक दूसरे के पूरक हैं और इंसाफ देना सबसे बड़ा धर्म है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब-जब लोकतंत्र पर संकट आया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरी निष्ठा के साथ उसे बचाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवशाली रहा है।
मुख्यमंत्री बोले, “मेरे लिए बहुत हर्ष का विषय है कि मुझे हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला।”
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