पन्ना, 6 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हुए बस हादसे में जिंदा जल गए 21 मृतकों के शव अवशेषों को सुरक्षित रखने के लिए भोपाल भेजा गया है। इन अवशेषों को भोपाल के चिकित्सा संस्थानों में तब तक सुरक्षित रखा जाएगा जब तक कि डीएनए रिपोर्ट नहीं आ जाती है।
पन्ना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर. डी. प्रजापति ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि सोमवार को हुए सड़क हादसे में मारे गए 21 लोगों के शव बुरी तरह जले हुए हैं। इनकी शिनाख्त मुश्किल है, इसलिए परिजनों को सौंपने के लिए डीएनए कराना है, इस चिकित्सकीय परीक्षण में 15 दिन तक लग सकते हैं, लिहाजा तब तक मृतकों के अवशेषों को सुरक्षित रखना जरूरी है। यही कारण है कि इन अवशेषों को भोपाल भेजा गया है।
प्रजापति ने आगे बताया कि मृतकों के शवों को पन्ना में सुरक्षित रखना संभव नहीं है, इसीलिए शवों के अवशेष को एक कैरी बैग में रखा गया है, इन पर क्रमांक भी दर्ज किया गया है। इन शवों को भोपाल में फ्रीजर में रखने की व्यवस्था है, इसलिए शवों को भोपाल भेजा गया है।
ज्ञात हो कि सोमवार को छतरपुर से सतना जा रही निजी यात्री बस पन्ना जिले में पांडव फाल के करीब अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी थी और उसमें आग लग गई थी। इस हादसे में 21 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, वहीं 12 को बचा लिया गया था। इस हादसे में मारे गए लोगों के शव को पहचान पाना मुश्किल है, यही कारण है कि उनका डीएनए कराया जा रहा है।
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