पणजी, 7 मई (आईएएनएस)। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में फंसी कांग्रेस पर अगर रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भ्रष्टाचार की ‘बहती गंगा’ में हाथ धोने का आरोप लगाया है, तो देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने भी उन पर गोवा की ‘बहती मंडोवी’ नदी में हाथ धोने का शनिवार को आरोप लगाया है।
कांग्रेस की गोवा इकाई ने पर्रिकर पर आरोप लगाया है कि जब वह राज्य के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने मंडोवी नदी से जुआघर नहीं हटाया, और इस तरह उन्होंने भी मंडोवी नदी में हाथ धोए हैं।
कांग्रेस के सचिव दुर्गादास कामत ने शनिवार को कहा कि 2012 में राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद भी नदी को जुआघर मुक्त करने के लिए कुछ नहीं किया गया, जबकि पार्टी ने ऐसा करने का वादा किया था।
कामत ने आरोप लगाया कि ठीक इसके उलट एक जुआघर संचालक को एक नया जुआघर और एक तैरता होटल खोलने की इजाजत दे दी गई।
कामत ने एक बयान जारी कर कहा है कि गोवा के मुख्यमंत्री चाहे मनोहर पर्रिकर थे या वर्तमान मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर, दोनों ने चुनावी वादा पूरा नहीं किया।
कामत ने बयान में कहा है, “यह भाजपा और पर्रिकर ही थे, जिन्होंने राज्य के लोगों से वादा किया था कि जिस क्षण उनकी पार्टी सत्ता में आएगी, मंडोवी नदी से अपतटीय जुआघरों को हटा दिया जाएगा। ऐसा करने की जगह एक जुआघर संचालक को एक नया तैरता होटल और एक नया जुआघर खोलने की इजाजत दे दी गई है।”
उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल दिख रहा है कि किसने मंडोवी नदी में हाथ धोया है?”
उल्लेखनीय है कि 2012 में राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान पर्रिकर और भारतीय जनता पार्टी ने नैतिक भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए वादा किया था कि पणजी में बहने वाली गोवा की दो प्रमुख नदियों में एक मंडोवी नदी को अपतटीय जुआघरों से मुक्त कराया जाएगा।
लेकिन वादे पूरे नहीं हुए हैं।
अब कांग्रेस के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता भी भाजपा पर जुआघर लॉबी से निकटता का आरोप लगा रहे हैं और उन्होंने भाजपा पर अपने शासनकाल में एक बड़ी जुआघर नौका को अनुमति देने के लिए हमला किया है।
फिलहाल मंडोवी नदी में चार जुआघर चल रहे हैं। इसके अलावा राज्य में विभिन्न पांच सितारा रिसॉर्टों में एक दर्जन जुआघर चल रहे हैं।
गत शुक्रवार को पर्रिकर ने अगस्तावेस्टलैंड घोटाले पर बहस का जवाब देते हुए कहा था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के शासन में सत्ताधारी लोग वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे को अंजाम देने के लिए भ्रष्टाचार की बहती गंगा में हाथ धो रहे थे, जिसकी अब लाखों डॉलर के घोटाले के रूप में जांच की जा रही है।
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