नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में सचिव (पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन) देवेंद्र चौधरी ने सोमवार को आईडीबीआई, नाबार्ड और एनसीडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।
यह बैठक डेयरी और मत्स्य पालन सहित सभी क्षेत्रों में 10,000 करोड़ रुपये या अधिक अनुमानित राशि जुटाने के तरीकों का पता लगाने के बारे में आयोजित की गई थी।
चौधरी ने कहा कि डेयरी और मत्स्य पालन सहित पशुपालन के सभी क्षेत्रों को न केवल बेहतर लाभ, बल्कि लाभदायक रोजगार जुटाने और लोगों की पोषण संबंधी जरूरतें सुनिश्चित करने के लिए बढ़ावा देने की जरूरत है।
उन्होंने जोर दिया कि पशुपालन गतिविधियों में निवेश की गई एक रुपये की राशि भी तीन रुपये का र्टिन उपलब्ध कराती है, जबकि कृषि में केवल 0.70 पैसे का रिटर्न प्राप्त होता है, जो बहुत कम है।
चौधरी ने कहा कि औपचारिक योजना संसाधनों और जरूरतों के मध्य अंतर को पाटने के लिए अनेक वित्त पोषण एजेंसियों की पहचान की जानी है। उन्होंने यह भी कहा कि जापान अंतर्राष्ट्रीय समन्वय एजेंसी (जेआईसीए) बुनियादी ढांचे सहित डेयरी विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने जोर दिया गया कि नाबार्ड, आईडीबीआई, एनसीडीसी जैसी एजेंसियां किस प्रकार पशुपालन गतिविधियों में प्राथमिकता क्षेत्र में मदद कर सकती हैं। इसके अलावा वे सहकारिता, लघु और सीमांत किसानों सहित उद्दमियों को लाभदायक शर्तो पर किस प्रकार ऋण दे सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पशुपालन किसानों की आय दोगुनी करने और परिदृश्य बदलने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागी एजेंसियों को पशुपालन क्षेत्र के लिए पूर्ण रूप से एकीकृत तरीकों का पता लगाने और अपनी ओर से समाधानों के साथ आगे आने का निर्देश दिया।
dharmpath.com dharmpath