नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और फ्रांस ने सोमवार को पाकिस्तान से कहा कि वह पठानकोट और मुंबई आतंकी हमलों के गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए कदम उठाए। 2008 के मुंबई आतंकी हमले में दो फ्रांसीसी नागरिकों की भी मौत हुई थी।
आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को साफ शब्दों में यह संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दिया गया।
बयान में कहा गया है, “दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे इसकी जो भी वजह हो और चाहे जो भी इसे अंजाम दे। दोनों नेताओं ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन, हक्कानी नेटवर्क और अल कायदा जैसे अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए कहा।”
बयान में कहा गया है, “भारत में पठानकोट और गुरदासपुर में हाल के आतंकी हमलों की निंदा करते हुए दोनों देशों ने पाकिस्तान से अपनी यह बात दोहराई कि वह नवंबर 2008 के मुंबई हमलों, जिसमें दो फ्रांसीसी भी मारे गए थे, के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाए और सुनिश्चित करे कि आगे ऐसे हमले नहीं होंगे।”
बयान में कहा गया है, “राष्ट्रपति ओलांद ने दक्षिण एशिया में, विशेषकर अफगानिस्तान में स्थिरता लाने में भूमिका निभाने और पाकिस्तान के साथ हाल में समग्र वार्ता की पहल करने के लिए भारत की सराहना की। “
दोनों नेताओं ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स और ग्लोबल काउंटर टेरररिज्म फोरम जैसे मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकियों की शरणस्थलियों, उनके धन के स्रोतों और आतंकियों के सीमा पार आने-जाने के खिलाफ सभी देशों को, खासकर जहां ऐसी समस्याएं हैं, उन देशों को सहयोग करने की जरूरत है।
बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने, आतंकी समूहों को प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन देने वालों, जिनमें राज्य भी शामिल हैं, के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा।
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