नई दिल्ली, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान पर और शिकंजा कसने के लिए पड़ोसी को मिले सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) के दर्जे की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बैठक बुलाई है। सूत्रों ने यहां यह जानकारी दी।
विदेश और वाणिज्य मंत्रालयों के अधिकारियों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में भाग लेंगे।
उड़ी हमले के मद्देनजर सोमवार को भारत ने पाकिस्तान के साथ 56 साल पुरानी सिंधु जल संधि की समीक्षा करने का फैसला किया था।
साल 1996 में भारत ने पाकिस्तान को सर्वाधिक तरजीही देश का दर्जा दिया था, लेकिन पड़ोसी देश ने इस तरह का दर्जा भारत को नहीं दिया।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की शर्तो के अनुसार, सदस्य देश एक दूसरे को स्वत: सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र का दर्जा देंगे, जब तक समझौता में इससे अलग कोई बात न कही गई हो या सदस्य देश द्वारा डब्ल्यूटीओ को इस सिलसिले में अधिसूचित किया गया हो।
उड़ी हमले के मद्देनजर भारत, पाकिस्तान के खिलाफ कई मोर्चो पर आगे बढ़ रहा है और ‘आतंक निर्यात’ के लिए उसे कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के कदम उठा रहा है।
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