लखनऊ, 21 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां मंगलवार को कहा कि सरकार ओड़िशा के पारादीप से लखनऊ तक जल्द ही पाइपलाइन से गैस पहुंचाएगी, प्रयास जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देने में 8 हजार करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। इसके लिए सरकार दो लाख 50 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी खर्च करेगी।”
वह मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल श्रेणी की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन वितरित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “डीबीटी से सब्सिडी का पैसा सीधे खाते में पहुंच रहा है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है और गैस के डुप्लीकेट कनेक्शन समाप्त होने से 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है।”
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है कि केंद्र सरकार सब्सिडी खत्म कर रही है। यह बात बिल्कुल निराधार है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक सरोकार के ही नहीं, बल्कि आर्थिक सरोकार के कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने सरकार बनने के बाद अपनी पहली प्रेस कान्फ्रें स में कहा था कि उनकी सरकार गरीबों की है और वह उन्हीं के लिए काम करेगी।
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब और गांव की महिलाएं चूल्हे में खाना बनाती हैं। ऐसे में उनकी आयु आधी रह जाती है। सरकार ने ऐसी ही बीपीएल महिलाओं को गैस कनेक्शन देने की शुरुआत की है। इस योजना में सरकार के आठ हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राजनाथ ने कहा कि इसमें सरकार को अपनी तरफ से कुछ नहीं देना पड़ा। केंद्र सरकार ने डुप्लीकेट राशन कार्ड और डुप्लीकेट गैस कनेक्शन खत्म किए। साढ़े तीन करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन खत्म करने से सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई।
उन्होंने उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने की सरल प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें गैस कंपनी से लेकर वितरक तक कोई दिक्कत पैदा करे तो इसकी जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा सकती है।
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