नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की एक शीर्ष संस्था नैटहेल्थ (भारतीय स्वास्थ्य सेवा संघ) ने गुरुवार को कहा कि सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) पर सरकार की तवज्जो और नियामक परिवर्तनों के संबंध में अभियोज्य हस्तक्षेप देश में पूरे स्वास्थ्य सेवा पतितंत्र को महत्वपूर्ण रूप से बेहतर कर सकता है।
नैटहेल्थ की आरोग्य भारत 2025 की रिपोर्ट यह अनुशंसा करती है कि भारत में एक परितंत्र होना चाहिए जो स्वास्थ्य सेवा में निजी निवेश का बेहतर तरीके से समर्थन करे। इसमें पीपीपी की मूल सुविधाओं को विस्तारित करने, सरकारी आपूर्ति का प्रबंधन करने, वित्त सहायता, शोध एवं विकास, तकनीकी संचार और अनुपालन को गुणवत्ता मानकों तक बेहतर करने तथा एक स्वतंत्र एजेंसी की स्थापना करने की अनुशंसा की गई है, जो पीपीपी को प्रबंधित करने और क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए उत्तरदायी हो।
नैटहेल्थ के महासचिव अंजन बोस ने बताया, “हमें सार्वजनिक निजी ट्रस्ट के अभावों से उबरने के लिए सहयोगात्मक अंदाज में काम करने की जरूरत है।”
नैटहेल्थ और मैक्स समूह के अध्यक्ष राहुल खोसला ने कहा, “नैटहेल्थ भारत में स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना और आपूर्ति को महत्वपूर्ण रूप से बेहतर करने के लिए पीपीपी मॉडल की संभावनाओं के बारे में काफी सकारात्मक है। हम यह उम्मीद करते हैं कि सरकारी उपक्रमों द्वारा पीपीपी मॉडल का प्रचार करना एक गेमचेंजर साबित होगा। हम सभी स्तरों में गुणवत्ता युक्त और वैश्विक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए इस उपक्रम में सरकार के साथ मिलकर काम करने और उनका समर्थन करने की आशा करते हैं।”
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