पूर्वोत्तर में मानव तस्करी के खिलाफ आरपीएफ सक्रिय

अगरतला, 7 मार्च (आईएएनएस)। भारत के पूर्वोत्तर में मानव तस्करी के मामलों में वृद्धि जांचने के बाद रेलवे प्रशासन ने इस खतरे को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत साल 2017 में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने लगभग 500 बच्चों को बचाया है और 14 तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने बुधवार को बताया, “आरपीएफ ने पिछले साल 498 बच्चों को बचाया और 14 तस्करों को गिरफ्तार किया। आरपीएफ साल 2016 और 2015 के दौरान क्रमश: 437 और 206 बच्चों को बचाने में सफल हुआ।”

शर्मा ने कहा, “पूर्वोत्तर भारत में मानव तस्करी के मामलों में वृद्धि होने के बाद इस खतरे से निपटने के लिए एनएफआर तथा आरपीएफ ने रेलवे स्टेशनों और रेलवे परिसरों में अपना अभियान जारी कर दिया है। अपहृत बच्चों को लाने-ले जाने के लिए रेलगाड़ियों का निरंतर उपयोग होता रहता है।”

उन्होंने कहा, “एनएफआर और आरपीएफ रेलवे स्टेशनों पर उचित सुरक्षा व्यवस्था रखने के कारण अपराधियों को बड़ी संख्या में पकड़ने में सक्षम हो गई है।”

शर्मा ने यह भी कहा कि एनएफआर के पांच खंडों ने रेलगाड़ियों और रेलवे स्टेशन परिसरों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सचल सुरक्षा दस्ते सक्रिय कर दिए हैं।

बरामद हुए बच्चों को उनके परिजनों या स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंप दिया गया है, जिससे उनकी उचित देखभाल और पुनर्वास हो सके।

एनएफआर सात पूर्वोत्तरी राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल में सात जिलों और उत्तरी बिहार में पांच जिलों में काम करता है।

उन्होंने कहा कि एनएफआर की आरपीएफ ने अवैध सामान की पहचान और उसकी वसूली में भी सराहनीय काम किया है।

शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया, “आरपीएफ ने पिछले साल 160 मामलों में अवैध रूप से लाया गया 5.1 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया और 68 तस्करों को गिरफ्तार किया। यह साल 2016 के आकड़ों से कहीं अधिक है जब 134 मामलों में 3.6 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया गया था।”

उन्होंने कहा, “आरपीएफ द्वारा संवेदनशील स्थानों पर निरंतर छापा मारने, जांच करने और घात लगाने के कारण अवैध सामान की बरामदगी संभव हो सकी है। इस दौरान एनएफआर के प्रमुख स्टेशनों पर एकीकृत सुरक्षा प्रणाली कार्यक्रमों को लागू कर दिया गया है। स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं और वास्तविक समय पर स्टेशन और रेलवे परिसरों की निगरानी करने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं।”

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