नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। एक अदालत ने यहां कोयला आवंटन के एक मामले में पूर्व कोयला सचिव एच. सी. गुप्ता और चार अन्य के खिलाफ शुक्रवार को धोखाधड़ी और अपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय किए।
आरोपियों ने खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे। इसके बाद अदालत ने पश्विम बंगाल के मोइरा और मधुजोर (उत्तर और दक्षिण) कोयला खंडों को निजी कंपनी ‘विकास मेटल एंड पावर लिमिटेड’ (वीएमपीएल) को आवंटित किए जाने से जुड़ी अनियमितताओं के मामले की सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख मुकर्रर की।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश भारत पराशर ने एच.सी. गुप्ता, कोयला मंत्रालय के पूर्व संयुक्त सचिव के.एस. क्रोफा, मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी के. सी. सामरिया, वीएमपीएल के प्रबंध निदेशक विकास पाटनी और उनके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आनंद मलिक के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
वीएमपीएल और उसके अधिकारियों पर सितंबर 2012 में कोयला खंड आवंटन में अनुचित लाभ पाने के लिए भूमि आवंटन से जुड़े झूठे दावे करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सीबीआई ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा था कि जांच के दौरान वीएमपीएल और उसके निदेशकों और यहां तक कि सरकारी कर्मचारियोंके खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन, अदालत ने 15 अक्टूबर 2014 को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और एजेंसी को मामले की आगे की जांच करने के लिए कहा।
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