पटना, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि बिहार को पैकेज देने की दिशा में कुछ कार्रवाई होने को लेकर चर्चा है, जिसके हिसाब से यह ‘पैकेज’ नहीं, बल्कि ‘पैकेजिंग’ की योजना है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया माध्यमों से जानकारी मिली है कि राज्य को पैकेज देने की दिशा में कुछ कारवाई होने को लेकर चर्चा है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद की गई ब्रीफ्रिंग भी राजनीतिक नजरिए से की गई है। यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महज पैकेजिंग योजना है।
नीतीश ने कहा, “इसमें अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना की बात कही गई है, लेकिन इस योजना की स्वीकृति पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सैद्धांतिक रूप से दी थी। पानी और बिजली को चिह्न्ति करने की बात चल रही है।”
उन्होंने कहा कि इसी तरह मोकामा में राजेंद्र सेतु के बराबर में एक नया पुल बनाने की बात की गई है, जबकि चार साल पहले ही कहा गया है कि मोकामा में एक पुल बनेगा।
उन्होंने कहा, “अलग-अलग जो काम रुके हुए हैं, सबको मिला-जुलाकर बस एक साथ पैकेजिंग कर देना है।”
नीतीश ने दोहराया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना मुख्य मांग है। इसके बिना बिहार का विकास असंभव है और यह सबसे पुरानी मांग है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्तमंत्री ने आंध्र प्रदेश के तर्ज पर बिहार के लिए विशेष पैकेज पर मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया था।
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