अहमदाबाद, 21 जनवरी (आईएएनएस)। पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई का गुरुवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 97 साल की थीं।
अहमदाबाद, 21 जनवरी (आईएएनएस)। पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई का गुरुवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 97 साल की थीं।
‘अम्मा’ के नाम से मशहूर मृणालिनी साराभाई को बीमारी के कारण बुधवार को शहर के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
उनके बेटे और वैज्ञानिक कार्तिकेय साराभाई ने कहा, “वह फेफड़े में संक्रमण से पीड़ित थीं, जिस कारण उनके स्वास्थ्य में गिरावट आती गई।”
मशहूर नृत्यांगना की मशहूर नृत्यांगना बेटी मल्लिका साराभाई ने फेसबुक पर उनके निधन की सूचना दी।
मल्लिका ने अपनी मां को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “मेरी मां मृणालिनी साराभाई अपने शाश्वत नृत्य के लिए हमें छोड़ गई हैं।”
मृणालिनी साराभाई का अंतिम संस्कार गुजरात की राजधानी गांधीनगर स्थित पेठापुर गांव में किया जाएगा।
11 मई, 1918 को जन्मीं मशहूर नृत्यांगना का विवाह भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम के अग्रणी वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई से हुआ था।
पूर्व सांसद अम्मू स्वामीनाथन की बेटी मृणालिनी साराभाई ने अपना बचपन स्विटजरलैंड में बिताया और नृत्य की पश्चिमी शैली के संस्थान ‘डैलक्रोज स्कूल’ से अपनी शुरुआती शिक्षा ग्रहण की थी।
इसके बाद वह गुरु रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित ‘शांतिनिकेतन’ चली गईं। उन्होंने अपने कौशल को धार देने के लिए कुछ समय अमेरिका के ‘अमेरिकन एकेडमिक्स ऑफ ड्रामाटिक एक्ट़्स’ में भी व्यतीत किया।
भारत लौटने के बाद उन्होंने मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई से भरतनाट्यम और गुरु थाकाजी कुंचु कुरुप से कथकली का प्रशिक्षण लिया।
नृत्य, संगीत और नाटक के प्रशिक्षण संस्थान ‘दर्पण अकादमी’ की संस्थापक और निदेशक मृणालिनी साराभाई ने 18,000 से भी अधिक छात्रों को भरतनाट्यम और कथकली में प्रशिक्षण दिया था।
दिग्गज नृत्यांगना को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई विशिष्ट पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
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