पठानकोट (पंजाब), 9 जनवरी (आईएएनएस)। पठानकोट वायु सेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले के बाद की गई जवाबी कार्रवाई और मामले को सुलझाने में हुई देरी की काफी आलोचना हुई है। लेकिन इन आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि वे अभियान के ‘निर्णय और क्रियान्वयन’ से संतुष्ट हैं।
प्रधानमंत्री पठानकोट में भारतीय वायुसेना के अड्डे पर पिछले सप्ताह हुए हमले के बाद की स्थिति का जायजा लेने शनिवार को यहां पहुंचे।
मोदी ने पठानकोट में वायुसेना के अड्डे पर पहुंचने के बाद भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामले के बारे में जानकारी ली। इस हमले के पीछे संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। चंडीगढ़ से 250 किलोमीटर दूर वायुसेना स्टेशन (एएफएस) के पास किसी को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
मोदी के साथ इस दौरे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, थलसेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरुप राहा भी शामिल थे। इनके साथ प्रधानमंत्री ने वायुसेना अड्डे की सुरक्षा का जायजा लिया।
माना जाता है कि आतंकवादी सीमा पर टूटे तारों का फायदा उठाकर घुसपैठ कर पाकिस्तान से भारत पहुंचे थे।
लंबे समय तक चली मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने छह आतंकवादियों को मार गिराया था, जबकि इस दौरान सात सुरक्षाकर्मी भी शहीद हो गए।
इस दौरे के बाद दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “मैंने आज पठानकोट हवाई अड्डे का दौरा किया। थलसेना, वायु सेना, एनएसजी और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुझे विस्तार से बताया कि किस प्रकार हमारे जवानों ने इस गंभीर आतंकवादी हमले का सामना किया। मैं इस हमले की सामरिक प्रतिक्रिया के दौरान लिए गए निर्णय और उसके क्रियान्वयन से काफी संतुष्ट हूं।”
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