गाजियाबाद, 20 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत ने 20 वर्ष पूर्व हुए फर्जी मुठभेड़ के एक मामले में चार पुलिसकर्मियों को सोमवार को दोषी करार दिया। मुठभेड़ में चार लोग मारे गए थे।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेश चौधरी ने उन्हें दोषी करार देते हुए कहा कि दोषियों को सजा की घोषणा बुधवार को की जाएगी।
आठ नवंबर, 1996 को पांच पुलिसकर्मियों -थाना प्रभारी लाल सिंह, उप-निरीक्षक योगेंद्र सिंह और कांस्टेबल रणवीर सिंह, सूर्य भान और सुभाष- ने चार अपराधियों को मार गिराने का दावा किया था।
जबकि मारे गए चारों लोग -जसबीर सिंह, अशोक कुमार, प्रवेश और जलालुद्दीन- बेगुनाह पाए गए थे।
हालांकि कांस्टेबल रणवीर सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। सूर्य भान न्यायालय में मौजूद नहीं था। अन्य तीन को जेल भेज दिया गया है।
आईपीएस अधिकारी ज्योति बेलुर कई नोटिसों के बावजूद न्यायालय में पेश नहीं हुईं। उन्हें इस मामले में जब सह साजिसकर्ता के रूप में शामिल किा गया था, तब उनकी उम्र 28 साल थी। कथित तौर पर वह कनाडा चली गई हैं।
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