मुंबई, 6 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेता सनी देओल दोबारा फिल्में बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि किरदारों का व्यक्तित्व और करिश्मा फिल्म का हिस्सा होता है।
सनी ने अपने निर्देशन में बन रही फिल्म ‘घायल वन्स अगेन’ के लिए दिए साक्षात्कार में कहा, “मुझे लगता है कि किसी भी फिल्म को दोबारा नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि जब फिल्म बनती है तो व्यक्ति का व्यक्तित्व और करिश्मा इसका हिस्सा होता है। इसलिए हमें इसे नहीं छूना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “आप कोई विषय चुनिए, रीमेक मत बनाइए। उन किरदारों को लीजिए, जिन्हें आप महसूस करते हैं और जो आज समाज का हिस्सा हैं।”
जब सनी से पूछा गया कि वह फिल्म ‘घायल’ में अजय मेहरा जैसे लोकप्रिय किरदारों को उतारना चाहेंगे, इस पर उन्होंने कहा, “ऐसी कोई योजना नहीं है। लेकिन अगर मैं अपनी फिल्म से आज के समाज के लिए कुछ पात्रों को लाता हूं तो यह दिलचस्प होगा, इसलिए देखते हैं।”
पिता धमेंद्र की 1969 की फिल्म ‘सत्यकाम’ का जिक्र करते हुए सनी ने कहा, “उस समय लड़ाई थोड़ी अलग होती थी, लेकिन अगर आज के समाज से ऐसा किरदार लिया जाए तो मुख्य बात यह देखने की होगी कि क्या कोई व्यक्ति सच के साथ जी सकता है या नहीं है, और वह कबतक सच्चाई के साथ जी सकता है।”
फिल्म ‘घायल वन्स अगेन’ फरवरी में रिलीज होगी।
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