कोलकाता, 27 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक सरकारी अस्पताल में आग लग जाने के बाद शनिवार को मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
स्वास्थ्य सेवा निदेशक बी.आर. सतपथी ने कहा कि बहरामपुर में स्थित मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक वार्ड में शार्ट सर्किट की वजह से दिन में 11.50 बजे आग लग गई। आग की वजह से इमारत के उस तल पर भगदड़ मच गई।
उन्होंने कहा, “आग की खबर सुनकर लोग इधर-उधर भागने लगे, जिसके कारण दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। बाद में दोनों की मौत हो गई। इनमें एक परिचारिका थी और एक मरीज की रिश्तेदार थी।”
सतपथी ने कहा कि कुछ अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं, और उनको प्राथमिक उपचार दिया गया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य सेवा निगम की अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य को घटनास्थल पर रवाना किया है।
उन्होंने कहा, “आग पर तत्परता से काबू पा लिया गया और अब हालात सामान्य हो रहा है।”
आग लगते ही बच्चा वार्ड और पुरुष वार्ड को खाली करा लिया गया।
उन्होंने कहा कि बच्च्चा वार्ड में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। भर्ती किए गए बच्चों को वापस वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। पुरुष वार्ड में भी करीब 50 प्रतिशत मरीजों को फिर दोबारा भेज दिया गया है।
आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है।
सतपथी ने कहा, “कमेटी सभी कारकों की जांच करेगी। हमें देखना होगा कि आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। हमें देखना है कि एयरकंडीशन में कैसे शार्ट सर्किट हुआ। अग्निशामक तंत्र के साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कर्मियों को इसके बारे में प्रशिक्षित किया गया था या नहीं।”
कुछ प्रत्यक्षदशिर्यों ने बताया कि बच्चा वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन बच्चों को बचाने के लिए खिड़की के शीशे तोड़ दिए और पेड़ों पर चढ़ गए।
एक परिजन ने कहा, “हमें नहीं पता कि कैसे आग लगी। पूरा इलाका धुएं से भर गया। परिजन मरीजों को लेकर इधर-उधर भाग रहे थे। हमें नहीं पता कितने की मौत हुई। यहां तक कि इमरजेंसी दरवाजे के ताले भी नहीं खुले।”
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