नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पर्यावरण सचिव को गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्रों की स्थिति रपट के साथ बुधवार को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए।
न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर, न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजय कृष्णन कौल की पीठ ने अधिकारी से पेश होने को कहा है, क्योंकि पांच सप्ताह के विलंब के बावजूद राज्य ने कोई जवाब नहीं दिया है।
अदालत ने 16 जनवरी को अपनी आखिरी सुनवाई में सभी राज्यों से अपने गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर हलफनामा पेश करने को कहा था।
अदालत ने तब कहा था कि ऐसा नहीं करने पर पर्यावरण सचिव को निजी तौर पर अदालत में पेश होना होगा।
न्यायालय की पीठ उस दिन गुस्से में आ गई, जब पश्चिम बंगाल के वकील ने हलफनामा दायर करने के लिए अतिरिक्त दो सप्ताह का समय मांगा।
पीठ ने कहा, “आप एक बेहतरीन वकील हैं। आप पांच सप्ताह में हलफनाम दायर नहीं करेंगे। आपको अतिरिक्त दो सप्ताह चाहिए और आप आदेश के मुताबिक समय पर पेश नहीं हो सके।”
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