कोलकाता, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में बीते एक साल में बांग्लादेश के साथ परिक्षेत्रों की अदला-बदली और नेताजी सुभाषचंद्र बोस से संबंधित 64 फाइलों को सार्वजनिक किया जाना प्रमुख घटनाएं रही हैं। शारदा घोटाले की जांच की आंच में कुछ नेताओं के आने के बावजूद राज्य में तृणमूल कांग्रेस के दबदबे में कमी नहीं आई है।
कोलकाता, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में बीते एक साल में बांग्लादेश के साथ परिक्षेत्रों की अदला-बदली और नेताजी सुभाषचंद्र बोस से संबंधित 64 फाइलों को सार्वजनिक किया जाना प्रमुख घटनाएं रही हैं। शारदा घोटाले की जांच की आंच में कुछ नेताओं के आने के बावजूद राज्य में तृणमूल कांग्रेस के दबदबे में कमी नहीं आई है।
भारत और बांग्लादेश ने एक अगस्त को 40 साल पुराने भूमि सीमा समझौते को लागू किया और 162 परिक्षेत्रों की अदला-बदली कर ली, जिसके कारण कूच बिहार जिले में पड़ने वाले 51 परिक्षेत्रों के निवासियों को भारतीय नागरिकता मिल गई। इसी तरह बांग्लादेश के चार जिलों में पड़ने वाले 111 भारतीय परिक्षेत्रों के करीब 37 हजार निवासियों को बांग्लादेश की नागरिकता मिल गई।
इस वर्ष कोलकाता से ढाका होते हुए अगरतला तक बस सेवा शुरू की गई, जिससे कोलकाता से अगरतला की यात्रा में लगने वाला समय घटकर आधा रह गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सितंबर में नेताजी से जुड़े 64 गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए। यद्यपि यह माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों में कुछ भी चौंकाने वाले तथ्य नहीं हैं, फिर भी दस्तावेजों को सार्वजनिक कर बनर्जी ने कुछ राजनीतिक अंक बटोर लिए। भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार ने भी नेताजी से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का वादा किया था।
इस साल करोड़ों रुपये के शारदा घोटाले की जांच की आंच हालांकि तृणमूल कांग्रेस तक पहुंचती रही।
पार्टी के प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री मदन मित्रा गत वर्ष दिसंबर में गिरफ्तारी के बाद से अब तक जेल में हैं, वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बनर्जी का दाहिना हाथ माने जाने वाले मुकुल रॉय से भी पूछताछ की, जिसकी पार्टी ने बदले की राजनीति कह कर आलोचना की।
इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस की राज्य में मजबूत स्थिति बनी हुई है और हाल ही में लोकसभा और विधानसभा के लिए हुए उपचुनावों और कुछ स्थानीय चुनावों में उसने विपक्ष को करारी शिकस्त दी।
भाजपा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस साल राज्य में अपने नेता बदले हैं। भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े दिलीप घोष को राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया है। माकपा ने 75 वर्षीय बिमान बोस की जगह अपेक्षाकृत युवा 66 वर्षीय सूर्यकांत मिश्रा को राज्य इकाई का महासचिव बनाया है।
वर्ष 2015 में राज्य के कई चर्चित हस्तियों का निधन हुआ। इनमें सिस्टर निर्मला, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एच.ए. हलीम, दोनों पैरों से विकलांग तैराक और इंग्लिश चैनल को तैर कर पार करने वाले मसुदुर रहमान बैद्य और लेखिका सुचित्रा भट्टाचार्य शामिल हैं।
एक अन्य दुखद घटना में अप्रैल में क्रिकेटर अंकित केशरी की खेल के दौरान चोट लगने से मौत हो गई।
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