बघेल को पार्टी संविधान का ज्ञान नहीं : जोगी

बिलासपुर, 12 फरवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अंतागढ़ टेपकांड की सैंपलिंग रिपोर्ट के मसले पर शुक्रवार को कहा कि नेता प्रतिपक्ष को कम से कम कानून की प्राथमिक जानकारी तो रखनी ही चाहिए। उन्हें यही नहीं पता कि टेस्टिंग से पहले वॉइस सैम्पल जरूरी है। इसके अलावा यह जांच पुलिस ही करा सकती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के बयान पर उन्होंने कहा कि 20 हजार लोगों ने अमित का स्वागत किया है, क्या वे इतने लोगों को कांग्रेस से निकाल बाहर करेंगे?

जोगी ने कहा कि बघेल को पार्टी संविधान का ज्ञान नहीं है। पहले संविधान का अध्ययन कर लें, फिर इस तरह की बयानबाजी करें। कांग्रेस किसी की निजी संपत्ति नहीं है। कार्यकर्ता व आम लोग कांग्रेस के साथ आस्था से जुड़े हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जोगी मरवाही सदन में गुरुवार की शाम पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे की विकराल स्थिति है। कर्ज से परेशान किसान खुदकुशी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्थिति और भी भयानक है। राज्य सरकार के खिलाफ ज्वलंत मुद्दे हैं। किसानों को बोनस नहीं मिल रहा है। बीते वर्ष जिस कंपनी ने फसल बीमा किया था आजतक किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया है। अकाल प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा का काम ठप पड़ा हुआ है। मजदूरी का भुगतान भी नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अकाल से परेशान किसान व ग्रामीण लगातार पलायन कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के नुमाइंदे राज्य सरकार को घेर नहीं पा रहे हैं। विपक्ष की भूमिका असरहीन नजर आ रही है। इस तरह की स्थिति क्यों बनी, जैसे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बघेल की जितनी बुद्धि है, वह उतना काम रहे हैं।

मरवाही के विधायक अमित जोगी के स्वागत में जाने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल बाहर करने के प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर जोगी ने तल्ख टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि लोग आस्था से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। लोकतंत्र में सामंतवादी प्रवृत्ति व विचारधारा के लिए कोई स्थान नहीं है।

एक सवाल के जवाब में जोगी ने कहा, “मैं उन लोगों मे से नहीं हूं जो गुटबाजी को गलत मानते हैं और इसी नजरिए से देखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य सरकार के कामकाज से लोग असंतुष्ट हैं। इसके बाद भी अगर हम वर्ष 2018 का विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाए तो भगवान भी हमारा मदद नहीं कर सकते।”

एक सवाल के जवाब में जोगी ने कहा कि टेपकांड के मुद्दे पर अनुशासन समिति का पत्र मिला है। इस संबंध में 11 फरवरी को अपना जवाब अनुशासन समिति को भेज देने की बात कही।

अमित जोगी के निष्कासन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है। अमित ने अनुशासन समिति के समक्ष अपील की है।

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