बालासोर (ओडिशा), 3 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा में बहुदा रथ यात्रा में हिस्सा लेने के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालु सोमवार को बालासोर पहुंचे।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के बाद प्रभु की वापसी हो रही है। मान्यता है कि इस दिन प्रभु जगन्नाथ घर वापस लौटते हैं, जिनके साथ उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा भी रहती हैं। गुडिंचा घर से नौ दिन बाद वापस श्रीधाम लौटने की इस यात्रा को बहुदा रथयात्रा कहते हैं।
श्रद्धालुओं ने पारंपरिक ढंग से भव्य रूप से सजे रथ को ईमामी नगर स्थित श्री श्री जगन्नाथ मंदिर तक खींचा।
भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं का सोमवार तड़के से ही बालासोर में जुटना शुरू हो गया था। लगभग 1,000 की तादाद में श्रद्धालुओं ने अपना हाथ ऊपर उठाकर प्रभु की भक्ति में नृत्य किया और ‘हरि बोल’ के नारे लगाए।
रथ के उलटे सफर को उलटी रथ यात्रा के नाम से जाना जाता है और धार्मिक रूप में इसे बहुदा रथ यात्रा कहा जाता है। इमामी मंदिर के संस्थापक तथा उनके परिवार के सदस्यों ने ‘छेरा पहानरा’ अर्थात रथ पर सोने का झाड़ू मारा।
घर लौटने के दौरान रथ यात्रा को कुछ देर के लिए रोका जाता है, जहां भगवान को ओडिशा की मशहूर पकवान पोदा पीठा दिया जाता है, जो चावल, गुड़, नारियल तथा मसूर से बनी होती है।
यह दूसरी बार है, जब ईमामी जगन्नाथ मंदिर जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन कर रहा है।
मंदिर के संरक्षक सुशील गोयनका ने कहा कि बहुदा रथ यात्रा ओडिशा का बेहद लोकप्रिय धार्मिक कार्यक्रम है। देवाताओं को मंदिर के पवित्र स्थल पर रसगुल्ला भोग के बाद रखा जाएगा, जिसे निलादरी बिजे कहते हैं और यह कार्यक्रम का समापन होता है। अगले दिन से भगवान भक्तों को मंदिर में दर्शन देने के लिए पुन: तैयार हो जाते हैं, जिसे सुना बेशा कहते हैं।
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