आइजोल/अगरतला, 15 जुलाई (आईएएनएस)। मिजोरम और त्रिपुरा सरकार ने घुसपैठ की कोशिशें नाकाम करने और सीमा पार से अवैध गतिविधियां रोकने के लिए सुरक्षा बलों से बांग्लादेश के साथ लगी देश की सीमा पर चौकसी बढ़ाने को कहा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मिजोरम के गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हाल ही में बांग्लादेश में हुए आतंकवादी हमलों के मद्देनजर मिजोरम सरकार ने पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीमा सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों को सीमा पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारी ने कहा, “सीमा पर मौजूदा हालात की समीक्षा और चौकसी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ललथनहावला की अध्यक्षता में आंतरिक सुरक्षा पर गुरुवार को एक बैठक हुई। बैठक में सीमा पर चौकसी बढ़ाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया।”
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी करने के लिए हुई बैठक में मिजोरम के गृहमंत्री आर. लालजिरलियाना, मुख्य सचिव ललमलसावमा, और पुलिस, सीपीएमएफ व बीएसएएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि हालांकि इस माह के प्रारंभ में ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद से मिजोरम के लगी सीमा पर कोई खास खतरा नहीं रहा है, लेकिन राज्य की सुरक्षा को लेकर बेफिक्र नहीं होना चाहिए।
अधिकारी ने कहा कि बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के बीच अच्छा समन्वय बनाने को भी काफी अहमियत दी गई।
मिजोरम का म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर और बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। बांग्लादेश सीमा की निगरानी सीमा सुरक्षा बल कर रहा है, जबकि म्यांमार सीमा की सुरक्षा असम राइफल्स के जवान करते हैं।
हाल में ढाका में हुए आतंकवादी हमले के मद्देजनर सीमा सुरक्षा बल ने त्रिपुरा में बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा पर चौकसी कड़ी कर दी है।
सीमा सुरक्षा बल के त्रिपुरा सीमांत महानिरीक्षक जे.बी.सांगवान ने आईएएनएस से कहा, “भारत-बांग्लादेश सीमा के पार से किसी तरह की गतिविधि की कोशिश नाकाम करने और किसी शत्रु तत्व के प्रवेश रोकने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं।”
उन्होंने कहा, “हमने हमारे जवानों को दिन-रात चौकन्ना रहने के लिए सतर्क कर दिया है और स्थिति के अनुरूप समुचित कदम उठाने को कहा है।”
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेश के. नागराज ने कहा कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल को अधिकतम सतर्कता बरतने को कहा है।
पहाड़ी इलाके, घने जंगल और अन्य प्राकृतिक बाधाओं के कारण खुली सीमा असुरक्षित है। इसी वजह से अवैध आप्रवासी और घुसपठिए बिना किसी बाधा के सीमा पार करते हैं।
dharmpath.com dharmpath