मुंबई, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। रिएलिटी शो ‘बिग बॉस नौ’ के बारे में कहा जाता है कि प्रतिभागियों का इस दौरान बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होता। कुछ पत्रकारों ने भी इसका अनुभव लेने के लिए बिग बॉस के घर में छह घंटे बिताए यह जानने के लिए कि वहां लगातार 100 दिनों तक रहने पर प्रतिभागियों को कैसा महसूस होगा।
मुंबई के लोनावाला में स्थित ‘बिग बॉस’ के घर में दाखिल होने से पहले इन पत्रकारों को भी अपने कैमरे, फोन, पेन, घड़ियां जैसी सभी चीजें बाहर ही छोड़नी पड़ीं।
आंखों पर बंधी पट्टी के साथ घर में दाखिल हुए पत्रकारों को ‘बिग बॉस’ के परिसर में केवल हिंदी बोलने की ही इजाजत थी।
‘बिग बॉस नौ’ के निर्माताओं ‘एंडेमोल शाइन इंडिया’ के प्रबंध निदेशक दीपक धर के मुताबिक, “मैरी कॉम के निर्देशक उमंग कुमार ने यह घर डिजाइन किया है जिसमें उन्हें चार महीने लगे।”
पत्रकारों को नाश्ता दिया गया और उसके साथ ही ‘बिग बॉस’ की आवाज में घोषणा हुई, “नॉमिनेशन्स की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”
बाद में पत्रकारों को कनफेशन रूम में बुलाया गया जहां उन्हें अपने दो साथियों को नॉमिनेट करना था।
पत्रकारों की उम्मीद से परे उन्हें प्रतिभागियों की तरह ही टास्क भी दिए गए।
पत्रकारों की ‘बिग बॉस हाउस’ की इस यात्रा का अंत ‘बिग बॉस’ के घर को छोड़ने के आदेश के साथ हुआ।
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