हाजीपुर, 15 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां बुधवार को कहा कि अगले साल तक राज्य के सभी जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जेलों के आधुनिकीकरण के लिए प्रयासरत है।
वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर में ‘बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान’ के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा, “जेलों में कैदियों की सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा के लिए कार्य प्रगति पर है। आशा है कि राज्य के सभी जेलों में अगले साल से यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।”
उन्होंने कहा कि सुनवाई के लिए कैदियों को अदालत ले जाने के क्रम में लगातार कैदियों के भागने या अन्य तरह की घटनाओं की जानकारी मिलती है। जेलों में यह सुविधा हो जाने के बाद ऐसी घटनाओं में कमी आएगी।
अपने संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने कहा, “मुझे भी आपातकाल के दौरान राजनीतिक कारणों से जेल जाना पड़ा था। वहां जाकर कैदियों की परेशानियों को समझने और नजदीक से देखने का मौका मिला था।”
उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही कैदियों को सुविधा देने का प्रयास किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य की आठ केंद्रीय जेलों में बहुउद्देश्यीय सभागारों की नींव रखी तथा ई-प्रिजन योजना के तहत राज्य के सभी 55 जेलों के कामकाज को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) प्रणाली का उद्घाटन किया।
इसके अलावे मुख्यमंत्री ने इन जेलों में 56 टेलीफोन केंद्रों और 11 जेलों में कैंटीन की भी शुरुआत की। इस मौके पर नीतीश ने 1970 कक्षपालों को नियुक्ति पत्र भी दिए।
इस समारोह में राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह व पुलिस महानिदेशक पी़ के. ठाकुर सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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