नई दिल्ली, 15 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण की निगरानी के लिए एक समिति गठित की है। अमरनाथ जम्मू एवं कश्मीर में हिमालय की पहाड़ियों में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है।
यह समिति अमरनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी ढांचे की भी पड़ताल करेगी।
हरित न्यायालय ने सवाल किया कि अतिरिक्त दुकानों और खुले शौचालयों को क्यों नहीं हटाया गया, और उसने रास्ते में पर्यावरण अनुकूल शौचालयों के निर्माण का सुझाव दिया।
पर्यावरण मंत्रालय का कोई अतिरिक्त सचिव समिति का नेतृत्व करेगा, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर सरकार और सेना के अधिकारी शामिल होंगे।
एनजीटी ने अमरनाथ मंदिर की गुफा के आसपास के क्षेत्र में हिमस्खलन को रोकने के लिए एक ‘साइलेंस जोन’ घोषित करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही एनजीटी ने गुफा में और उसके पास भोजन प्रसाद व नारियल को फेंकने पर रोक लगाने को कहा है।
न्यायाधिकरण ने सुरक्षाकर्मियों के साथ अमरनाथ गुफा के भीतर लगी लोहे की छड़ों को बदलने का सुझाव भी दिया, ताकि तीर्थयात्री मंदिर के बेहतर ²श्यों का दीदार कर सकें।
यात्रा आमतौर पर जुलाई और अगस्त के बीच की जाती है।
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