पटना, 13 मई (आईएएनएस)। पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के कोरियावांगढ़ गांव के सभी पुरुष गिरफ्तारी के डर से गांव से फरार हो गए हैं। गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे बचे हुए हैं।
यह मामला बिहार ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान पांचवें चरण के सोमवार को हुए मतदान के बाद पुलिस-पोलिंग टीम पर हुए कथित हमले से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, इस हमले के बाद पीठासीन पदाधिकारी रामरतन ठाकुर के बयान के आधार पर मसौढ़ी थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें एक मुखिया प्रत्याशी ओमप्रकाश भारती सहित कोरियावांगढ़ गांव के 70 लोगों को नामजद आरोपी और करीब 800 अज्ञात लोगों के आरोपी बनाया गया है।
इधर, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव में लगातार छोपमारी कर रही है। ऐसे में गांव के सभी पुरुष गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए हैं।
कोई भी ग्रामीण किसी अनजान व्यक्ति से बात करने को तैयार नहीं है। करीब दो हजार आबादी वाले कोरियावांगढ़ गांव में बड़ी संख्या अति पिछड़ा वर्ग के लोगों की है।
पटना नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सायली धूरत ने शुक्रवार को बताया, “आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य लोग फरार हैं। पुलिस पर हमला करने वाले बच नहीं पाएंगे। हर संभावित ठिकानों पर नजर है।”
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में गुरुवार को 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने करीब छह घंटे तक सर्च आपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस ने 10 से अधिक मोटरसाइकिलों को जब्त कर ले गई है।
उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव के पांचवें चरण के मतदान करने को लेकर ग्रामीणों पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें मसौढ़ी के पुलिस निरीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी का अंगरक्षक सहित अन्य कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस बल पर उस समय हमला किया था, जब पुलिस गांव के एक मतदान केंद्र से मतपेटियों को ला रही थी।
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