पटना, 21 जुलाई (आईएएनएस)। राजनीतिक रथों के लिए चर्चित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार में विधानसभा चुनाव से लगभग चार माह पहले आधुनिक संसाधनों से लैस अपने 160 महत्वाकांक्षी रथों को ‘पर्वितन रथ’ नाम देकर राज्य के विभिन्न इलाकोंमें दौड़ाया है। पार्टी को इन रथों से सत्ता-परिवर्तन की आस है।
पटना, 21 जुलाई (आईएएनएस)। राजनीतिक रथों के लिए चर्चित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार में विधानसभा चुनाव से लगभग चार माह पहले आधुनिक संसाधनों से लैस अपने 160 महत्वाकांक्षी रथों को ‘पर्वितन रथ’ नाम देकर राज्य के विभिन्न इलाकोंमें दौड़ाया है। पार्टी को इन रथों से सत्ता-परिवर्तन की आस है।
परिवर्तन रथों के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने आक्रामक अंदाज में प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। भाजपा के ये हाईटेक रथ गांव-गांव घूम रहे हैं।
सभी परिवर्तन रथों में 56 इंच की एलईडी स्क्रीन लगी हुई है, जिस पर भाषणों की डिजिटल फिल्म भी दिखाई जा रही है। ऐसे 160 हाईटेक रथों को भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह 16 जुलाई को पटना से रवाना कर चुके हैं, अभी और 83 रथ रवाना किए जाएंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में एक रथ तीन-तीन चक्कर लगाएगा।
परिवर्तन यात्रा रथ के प्रभारी संजीव कुमार चौरसिया कहते हैं, “यह अभियान 120 दिनों तक चलेगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 500 सभाएं करने का लक्ष्य है। बिहार में 8,400 ग्राम पंचायतें हैं। अनुमान के तौर पर एक विधानसभा क्षेत्र में 30 से 35 पंचायतें पड़ेंगी। हर पंचायत क्षेत्र में पांच से आठ सभाएं करने की तैयारी है।”
उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र भवन, बड़ा टोला और बाजार में सभाएं होंगी। एक महीने में एक विधानसभा क्षेत्र को पूरी तरह कवर करने के बाद फिर अगले महीने की प्रक्रिया नए तरीके से शुरू होगी।
पिकअप वैन को रथ का आकार देकर इनमें लगे 56 इंच के एलईडी स्क्रीन पर 28 मिनट की डिजिटल फिल्म दिखाई जा रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और बिहार के लिए केंद्र सरकार की सौगातों का जिक्र किया गया है।
राजग के सभी वरिष्ठ नेताओं के संयुक्त संदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल- जनता दल (युनाइटेड) गठबंधन के शासन में बिहार की कथित बदहाली की तस्वीर भी दिखाई जा रही है।
परिवर्तन यात्रा और राजग के नारों को जोड़ते हुए भोजपुरी गायक और सांसद मनोज तिवारी के गाने के जरिए भी ग्रामीणों को आकर्षित किया जा रहा है। स्पीकर और साउंड सिस्टम से संदेश को दूर-दूर के घरों तक भेजने की कोशिश हो रही है।
भाजपा के एक नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि पटना जिला के बिहटा में मेरठ और दिल्ली के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए एक रथ को बनाने में करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया है। रथ में जहां चालक और सहचालक हैं वहीं कार्यकर्ताओं को बैठने की भी जगह है। रथ में राजग के प्रमुख नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय मयूख कहते हैं कि परिवर्तन रथ अब तक उत्तर बिहार के करीब 16 जिलों के 1500 गांवों में प्रवेश कर चुका है और प्रचार अभियान प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि इन रथों के जरिए हर गांव, हर गली तक पहुंचना भाजपा का मकसद है। बिहार में करीब 62 हजार 780 मतदान केंद्र हैं और सभी मतदान केंद्रों तक रथ के पहुंचाने की योजना है।
मयूख बताते हैं कि रथों के जरिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर 100 पर्चे बांटे जाएंगे, जिसमें नीतीश सरकार में बिहार की बदहाली को लेकर मतदाताओं से सवाल किया जाएगा। रथ में वल पोस्टर और वल पेंटिंग के सामान भी मौजूद हैं, जिससे दीवारों पर भाजपा और सहयोगी दलों के नारे लिखे जा रहे हैं।
रथ की निगरानी और प्रचार अभियान के लिए प्रत्येक रथ में एक प्रभारी और आठ सहयोगी हैं और जगह-जगह सभा की जा रही है। प्रत्येक दिन 1000 से अधिक सभाएं आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इधर, जद (यू) के प्रदेश प्रवक्ता निहोरा प्रसाद यादव इस महंगे प्रचार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि जद (यू) से प्रचार के खर्च का हिसाब मांगने वाली भाजपा को प्रचार पर बेहिसाब खर्च के बारे में लोगों को बताना चाहिए कि ये पैसे कहां से आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक रथ पर प्रतिदिन कम से कम 1500 से 2000 रुपये खर्च हो रहे हैं। अगर 200 रथ रवाना हुए तो प्रतिदिन कम से कम तीन लाख रुपये का खर्च आएगा।
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने नारा दिया है- ‘बिहार चले मोदी के साथ’ इसी साल जनवरी-फरवरी में पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ‘दिल्ली चले मोदी के साथ’ का नारा दिया था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी की जनता मोदी के बजाय अरविंद केजरीवाल के साथ चली।
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