पटना, 12 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही बिहार में ‘सुशासन की सरकार’ का दावा करें, लेकिन सरकारी अधिकारी राज्य के एक मंत्री के परिजन से भी रिश्वत लेने से नहीं चूक रहे हैं। इसका खुलासा राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने मंगलवार को की।
मंत्री ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के एक अधिकारी ने उनके दामाद से रिश्वत ली।
गन्ना उद्योग मंत्री ने यहां संवाददाताओं को बताया कि कृषि विभाग के ‘बाबुओं’ ने उनके दामाद से ही रिश्वत ली, उसके बाद जमीन (खेत) का सर्टिफिकेट (प्रमाणपत्र) जारी किया।
गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि दो महीने पूर्व उनके दामाद से जमीन के सर्टिफि केशन (प्रमाणन) के नाम पर 1200 रुपये रिश्वत ली गई। मंत्री के मुताबिक, कृषि विभाग के अधिकारियों ने रिश्वत लेने के बाद ही उनके दामाद को सर्टिफि केट दिया।
गन्ना मंत्री ने कहा कि जमीन का सर्टिफिकेशन होने के बाद उसी आधार पर किसानों को अनुदान मिलता है। मंत्री यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अधिकारी को जमीन पर जाकर जमीन का प्रमाणन करना है, लेकिन अधिकारी पटना में ही बैठकर जमीन का प्रमाणन करते हैं।
मंत्री ने मंगलवार को गन्ना विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। जब मंत्री यह आरोप लगा रहे थे, तब कुछ अधिकारियों ने सफाई देनी भी चाहिए, लेकिन मंत्री ने उनकी कुछ नहीं सुनी।
मंत्री के आरोप का समर्थन करते हुए विभाग के उपनिदेशक राज कुमार रजक ने कहा कि बिना खेत पर गए ही अधिकारी प्रमाणपत्र जारी करते हैं। विभाग को इस वजह से अनुदान देने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने भी माना कि बहुत सारे किसान गलत सर्टिफिकेशन कराकर अनुदान ले जाते हैं।
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