मधेपुरा, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में मधेपुरा जिला प्रशासन ने जिले में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति रोकने के लिए व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स से जिला प्रशासन को जोड़ने का फरमान भारी विरोध के बाद गुरुवार को वापस ले लिया। जिला प्रशासन ने अब व्हाट्सएप ग्रुप्स के एडमिन के लिए नया निर्देश जारी किया है।
जिला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी मोहम्मद सोहैल ने गुरुवार को स्थानीय पत्रकारों, साइबर विशेषज्ञों एवं बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की। विचार विमर्श के बाद जिलाधिकारी ने आदेश रद्द करने का निर्णय लिया।
इसके बाद सभी ग्रुप एडमिन के ऊपर जबाबदेही तय की गई कि जिस ग्रुप से किसी तरह की झूठी अफवाह अगर फैलाई जाएगी, सारी जबाबदेही ग्रुप एडमिन की होगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्रुप एडमिन इस बात पर नजर रखेंगे कि उनके ग्रुप से किसी भी तरह की अफवाह न फैलाई जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर ग्रुप में किसी तरह की अफवाह फैलाने का संदेश आता है, तो एडमिन उस मैसेज का ‘स्क्रीनशॉट’ लेकर जिला प्रशासन के एक विशेष नंबर पर तत्काल भेज दें।
उल्लेखनीय है कि जिले के बिहारीगंज में पिछले दिनों उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति रोकने के लिए मधेपुरा के जिलाधिकारी ने मंगलवार को जारी किए गए आदेश में कहा था कि मधेपुरा के सामान्य नागरिकों द्वारा बनाए जाने वाले व्हाट्सएप ग्रुप में मॉनिटरिंग कोषांग को मोबइल नंबर अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। वैसे व्हाट्सएप पर कड़ी कारवाई की जाएगी, जिसमें कोषांग का नंबर नहीं जोड़ा जाएगा।
आदेश में सभी फेसबुक ग्रुप पर भी मधेपुरा मॉनिटर को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उसे जोड़ने का भी फरमान दिया गया है। इसके लिए बजाप्ता एक कोषांग गठित की गई है जिसमें पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। इस आदेश का जमकर विरोध हुआ था।
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