हाजीपुर/पटना, 27 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के हाजीपुर में अदालत के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के क्रम में एक धार्मिक स्थल को तोड़ने गई पुलिस को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। मंगलवार रात अतिक्रमण हटाने गई पुलिस की स्थानीय लोगों से झड़प हो गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में कम से कम सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। आक्रोशित लोगों ने सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के वाहन को भी फूंक दिया।
अतिक्रमण हटाने यानी वासुदेव मंदिर को तोड़ने का आदेश उच्च न्यायालय ने दिया था, जिसका पालन न करा पाने के कारण बुधवार को नगर थाना प्रभारी को हटा दिया गया। इस बीच, पटना उच्च न्यायालय ने प्रशासन को इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
पुलिस के अनुसार, पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगलवार की रात वैशाली पुलिस और जिला प्रशासन नगर थाना क्षेत्र के बागमली में स्थित वासुदेव मंदिर को तोड़ने पहुंची। इसी दौरान भीड़ उग्र हो गई और उसने पथराव शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने एएसपी के वाहन में आग लगा दी तथा ट्रैक्टर की दो ट्रॉली को फूंक दिया।
वैशाली के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि घटना के बाद इलाके में तनाव है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस मामले की एक प्राथमिकी नगर थाना में दर्ज कराई गई है, जिसमें 10 लोगों के नामजद तथा 5000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच नगर थाना प्रभारी शंकर कुमार झा को पद से हटा दिया गया है।
तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पारसनाथ भी घटनास्थल पर कैम्प किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर हाल में न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन न्यायालय के आदेश का पालन करने वहां पहुंची है। कानून को अपना काम करने देना चाहिए, लोगों का विरोध उचित नहीं है।
इधर, अतिक्रमण मामले की सुनवाई के लिए बुधवार को गृह सचिव और वैशाली की जिलाधिकारी रचना पाटिल पटना उच्च न्यायालय में हाजिर हुईं। उच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता ने बताया कि प्रशासन ने इस मामले के शांतिपूर्ण निपटारे के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
न्यायालय ने प्रशासन को स्थिति सामान्य करने तथा इस मामले के शांतिपूर्ण निपटाने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 फरवरी को होगी।
उल्लेखनीय है कि पटना उच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने के तहत वासुदेव मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया। इस कारण वैशाली की जिलाधिकारी रचना पाटिल को न्यायालय से फटकार मिली थी। इसके बाद पुलिस पिछले सप्ताह भी मंदिर तोड़ने पहुंची थी, लेकिन इसमें कामयाब नहीं हो पाई थी।
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