बिहार : स्थानीय लोगों को 80 फीसदी आरक्षण पर सभी दल एकमत

पटना, 29 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में होने वाली नियुक्तियों में बिहार के लोगों को 80 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद की मांग पर सभी दलों के नेता एकमत नजर आ रहे हैं।

लगभग सभी दल राज्य की नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण दिए जाने की वकालत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस मुद्दे को सामयिक और जरूरी बताया।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि स्थानीयता का मुद्दा आज के संदर्भ में प्रासंगिक है। बिहार में जो संवैधानिक व्यवस्था है, उसके अंतर्गत देश के किसी हिस्से में लोग जाकर नौकरी कर सकते हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे ऐसी स्थिति आई है कि स्थानीयता का मुद्दा जोर पकड़ रहा है।

उन्होंने कहा, “झारखंड में जाकर मैंने स्थानीयता के मुद्दे का समर्थन किया है तो बिहार में इस प्रकार का कोई मुद्दा उठता है तो उससे अलग राय रखने का कोई प्रश्न ही नहीं है। यह एक ऐसा प्रश्न है, जिस पर गहन विचार-विमर्श करके निर्णय लेना चाहिए।”

बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि सरकार अगर इस आशय का प्रस्ताव लाती है तो उनकी पार्टी स्थानीयता के आधार पर आरक्षण संबंधी प्रस्ताव का समर्थन करेगी। यह बिहार के हित में है और पार्टी इसके पक्ष में है।

इधर, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी लालू प्रसाद के स्थानीय लोगों को राज्य की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन किया है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी कहा कि बिहार के लोगों को नौकरियों के लिए बाहर न जाना पड़े, इसलिए यह जरूरी है कि उन्हें यहां आरक्षण मिले। इस मुद्दे पर महागठबंधन का शीर्ष नेतृत्व बैठकर फैसला करेगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार के भूमि सुधार मंत्री डॉ. मदन मोहन झा ने लालू प्रसाद के इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार के युवाओं को इससे फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन करेगी।

उल्लेखनीय है लालू प्रसाद ने यहां गुरुवार को बिहार के लोगों के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में स्थानीय आरक्षण का प्रावधान है।

लालू ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी है, फिर भी बिहार सरकार की द्वितीय और तृतीय श्रेणी की नौकरियों में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के युवाओं का चयन हो रहा है और बिहार के बच्चे अन्य राज्यों में जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले में वे जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात करेंगे।

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