देवघर/पटना, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भगवान शिव के ज्योतिर्लिगों में से एक झारखंड के देवघर स्थित कामना ज्योतिर्लिग (बैद्यनाथ धाम) सहित बिहार और झारखंड के अन्य शिवमंदिरों में सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर भक्त बम-बम भोले और हर-हर महादेव के मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक कर रहे हैं।
देवघर/पटना, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भगवान शिव के ज्योतिर्लिगों में से एक झारखंड के देवघर स्थित कामना ज्योतिर्लिग (बैद्यनाथ धाम) सहित बिहार और झारखंड के अन्य शिवमंदिरों में सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर भक्त बम-बम भोले और हर-हर महादेव के मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक कर रहे हैं।
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम शिवालय में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। बैद्यनाथ धाम में शिवभक्त ज्योतिर्लिग के जलाभिषेक के लिए रात से ही कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
बिहार के सुल्तानगंज से गंगा का पवित्र जल लेकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कांवड़िये (शिव भक्त) बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और कामना लिंग पर जलाभिषेक करते हैं। तड़के तीन बजे की विशेष पूजा के बाद से ही यहां भक्तों ने बारी-बारी ज्योतिर्लिग पर अरघा जलार्पण व्यवस्था के तहत जलाभिषेक करना शुरू किया।
सावन के महीने में देश के कोने-कोने से श्रद्घालु बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने आते हैं।
बैघनाथ धाम के एक पुजारी शिवशंकर पंडा का कहना है कि पौराणिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की भक्तों पर खास कृपा होती है। बाबा भोले की पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्घि की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया, “इस अंतिम सोमवारी को द्वादशी तिथि, पूर्वशा नक्षत्र के साथ प्रीति योग बन रहा है, जो अति शुभ माना जा है।”
देवघर जिला जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि सुबह 10 बजे 50 हजार से ज्यादा कांवड़िये कामना लिंग पर जलाभिषेक कर चुके हैं और कांवड़ियों के आने का सिलसिला जारी है।
इधर, मेला क्षेत्र में सुरक्षा की कमान संभाल रही देवघर की पुलिस अधीक्षक ए़ विजयलक्ष्मी ने सोमवार को बताया कि कांवड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है और उनका आना जारी है।
उन्होंने बताया कि रविवार को लगभग सवा लाख भक्तों ने यहां जलाभिषेक किया था। इस अंतिम सोमवारी को यह संख्या करीब दो लाख तक जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि रात 10 बजे श्रृंगार पूजा के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
देवघर जिला के एक अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष सावन माह की शुरुआत यानी 20 जुलाई से 12 अगस्त तक 25 लाख से ज्यादा शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक कर चुके हैं।
इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना के बैकुंठपुर मंदिर, गायघाट के गौरीशंकर मंदिर, पटना सिटी के तिलेश्वर महादेव मंदिर, अलखिया बाबा मंदिर, बोरिंग रोड शिव मंदिर, शिव मंदिर, खजपुरा सहित झारखंड की राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है और लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
इधर, बिहार के मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर, मोतिहारी के सोमेश्वर मंदिर, रोहतास के गुप्तधाम मंदिर, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर, अजगैबीनाथ मंदिर, झारखंड के वासकीनाथ मंदिर सहित सभी शिवालयों में भी सुबह से ही भक्त जुट रहे हैं।
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