पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि रायबरेली के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी की घटना हादसा न होकर हत्या है, क्योंकि जो बॉयलर फटा है, उस नई युनिट का निर्माण कार्य इसी साल मार्च में पूरा हुआ और दागी व जेल भेजे गए निदेशक की जेल से वापसी पर उसी पद का चार्ज देकर उनसे इस नई छठी युनिट को पूर्णता का प्रमाणपत्र दिलाया गया।
डॉ. अहमद ने कहा कि आखिर ऐसी कौन सी जल्दी थी कि इस युनिट को चालू करना पड़ा और परिणाम यह हुआ कि लगभग 50 लोग काल के गाल में समा गए और सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद फैक्ट्री परिसर के अंदर स्थित अस्पताल में डॉक्टर तक मौजूद नहीं था। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
रालोद नेता ने कहा कि अच्छा होगा कि घटना की जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायमूर्ति से कराई जाए और घटना के दोषी लोगों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “पिछले छह माह से उप्र में रेल दुर्घटना, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में आग लगना, गोरखपुर मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दिए जाने से सैकड़ों नवजात बच्चों की अकाल मृत्यु होना और एनटीपीसी की ताजा घटना को देखकर लग रहा है कि उप्र दुर्घटनाओं का प्रदेश होता जा रहा है। क्या भाजपा की सरकार बनाने का यही तोहफा जनता को मिलना चाहिए?”
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