अगरतला, 24 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के सीमांत जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बांग्लादेशी जिलों के अपने समकक्षों के साथ एक दिन की बैठक में सीमा पार के अपराधों और अन्य मुद्दों से निपटने की रणनीति को अंतिम रूप दिया है।
अगरतला, 24 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के सीमांत जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बांग्लादेशी जिलों के अपने समकक्षों के साथ एक दिन की बैठक में सीमा पार के अपराधों और अन्य मुद्दों से निपटने की रणनीति को अंतिम रूप दिया है।
सिपाहीजाला के कलेक्टर प्रदीप चक्रवर्ती ने बुधवार को आईएएनएस से कहा कि त्रिपुरा के सिपाहीजाला, पश्चिम त्रिपुरा और खोवाई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों ने पूर्वी बांग्लादेश के कोमिला में कोमिला, ब्राह्मणबरिया, हबीबगंज और मौलवीबाजार के अपने समकक्षों के साथ दिनभर की बैठक की।
उन्होंने कहा, “संयुक्त सीमा बैठक के दौरान सीमा के आर-पार होने वाली तस्करी, मादक पदार्थो की तस्करी, आतंकवाद, विध्वंसकारी गतिविधि रोधी प्रबंधन, गंदे पानी के शोधन, सीमा पर निवास करने वालों से संबंधित समस्यों पर चर्चा हुई और इन मुद्दों से निपटने के लिए कुछ रणनीतियों को अंतिम रूप दिया गया।”
चक्रवर्ती ने बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि सीमांत जिलों में खेलों और सांस्कृतिक महोत्सवों के आयोजनों को लेकर भी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त सीमा बैठक दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों के सकारात्मक समाधान के लिए एक नियत अंतराल पर आयोजित की जा रही है। दोनों देशों के जिला प्रशासनों के बीच सहयोग के जरिए सीमा पर शांति स्थापित करने के उद्देश्य पर भी चर्चा हुई।”
चक्रवर्ती ने कहा कि बांग्लादेश की मांग पर पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन ने बांग्लादेश में बहने वाले हावड़ा नाले के गंदे पानी को साफ करने के लिए एक जलमल शोधन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
कोमिला की बैठक में प्रस्तावित अगरतला-अखौरा 15 किमी लंबे रेल संपर्क के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी चर्चा हुई।
त्रिपुरा के गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सीमा संबंधित समस्याओं को सुलझाने के लिए भारत और बांग्लादेश के जिला स्तर के अधिकारियों ने कई वर्षो के अंतराल बाद 2015 से फिर से बैठकें शुरू की हैं।
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