नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और चीन के मीडिया से जो खबरें आती हैं, उनमें बहुत अधिक नकारात्मकता रहती है। यह बात ‘इंडिया-चाइना डायलॉग’ में सामने आई।
यहां गुरुवार को तीसरे ‘इंडिया-चाइना डायलॉग’ के दौरान जुटे पत्रकारों और अधिकारियों ने यह महसूस किया कि दोनों देशों की खबरों में बहुत अधिक नकारात्मकता रहती है।
चीन के बहुत सारे पत्रकारों ने कहा कि इस अवधारणा में सुधार करने की जरूरत है और ऐसा लोगों के बीच अधिक से अधिक संपर्क के जरिए किया जा सकता है।
सीपीसी सेंट्रल कमेटी के प्रचार विभाग के उप मंत्री तूओ झेन ने कहा कि पत्रकार दोनों बड़े देशों में क्या अच्छा और सकारात्मक है, इसको प्रोत्साहित करके रिश्ते को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की संस्कृति और इतिहास सहित सहयोग का क्षेत्र बहुत व्यापक है और इसे एक दूसरे के बीच आपसी समझ को बेहतर करने के लिए पेश किया जा सकता है।
चाइना डेली के डिप्टी एडिटर गाव अनमिंग ने कहा कि हालांकि दोनों समाज में बहुत भिन्नता है लेकिन भारत में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं और दवाओं पर और चीन में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
दूरदर्शन समाचार की महानिदेशक वीना जैन ने कहा कि ग्रहण बोध में सुधार करने की निश्चित तौर पर जरूरत है। हमलोग एक-दूसरे को नहीं जानते और वह मानती हैं कि दोनों देशों में बहुत अधिक अनुभूति बहुत अधिक सनसनीखेज खबरें और विश्लेषणों से भयभीत करने वाली होती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सामग्री, प्रौद्योगिकी और काम करने वालों के ज्यादा आदान-प्रदान से एक दूसरे के बारे में समझ बढ़ेगी।
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