यहां रविवार को राजभवन में युवा भारतीय प्रवासियों ने राज्यपाल से मुलाकात की।
सिंह ने कहा, “भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। भारतीय मनीषियों ने शांति, अहिंसा, और सत्य के बारे में पूरी दुनिया को बताया है। यहां के कण-कण में देशप्रेम, त्याग और शौर्य मौजूद हैं।”
उन्होंने कहा, “आप सभी से मिलकर मुझे बेहद प्रसन्नता हुई है। मुझे महसूस हो रहा है कि मैं अपने परिवार से मिल रहा हूं। आप सभी खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और दुनिया में भारत का नाम रोशन करें, लेकिन अपनी जड़ों को न भूलें।”
त्रिनिदाद व टोबैगो, फिजी, मॉरीशस, गुवाना, इजराइल, मलेशिया, दक्षिण अफ्रिका, नीदरलैंड, श्रीलंका, फ्रांस और सूरीनाम में रह रहे प्रवासी भारतीय छात्रों से राज्यपाल ने कहा कि भारत के ऐतिहासिक स्थलों को जरूर देखें और उनके इतिहास को समझें। भारत बहुत अच्छा देश है। यहां के लोक गीत-संगीत को सुनें और अपनी धरती और पूर्वजों को जानें।
प्रवासी छात्रों ने कहा कि वे भारत आकर अभिभूत हैं। भारत में आकर उन्हें लगा है कि वे अपने घर आ गए हैं। लंबी यात्रा के बाद भी यहां आकर उन्हें थकान महसूस नहीं हो रही है।
राज्यपाल को दल की प्रमुख व विदेश मंत्रालय में उप सचिव मनीषा ने बताया कि प्रवासी बच्चों को भारत को जानो कार्यक्रम के तहत भारत भ्रमण कराया जा रहा है। मंत्रालय का यह 45वां संस्करण है। इस संस्करण में राजस्थान भ्रमण को जोड़ा गया है।
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