नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम के नेतृत्व में यहां सोमवार को प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद भारत व मालदीव ने रक्षा, पर्यटन, कराधान, अंतरिक्ष शोध व मस्जिदों के संरक्षण को लेकर छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
एक समझौता अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन से प्राप्त आय पर दोहरे कराधान पर रोक लगाने को लेकर भी किया गया है।
एक अन्य समझौते के तहत करों से संबंधित घरेलू कानूनों व प्रशासन के लिए प्रासंगिक सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था की गई है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “इसमें इस तरह के करों के आकलन और संग्रह से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा कर दावों की वसूली एवं प्रवर्तन या कर संबंधित मामलों की जांच व मुकदमा चलाना भी शामिल है।”
दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के लिए एक कार्ययोजना पर भी हस्ताक्षर किए।
बयान के मुताबिक, “कार्ययोजना रक्षा सहयोग के संदर्भ में है, जो भारत-मालदीव द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने जा रहा है और हिंद महासागर में दोनों देशों के सामरिक व सुरक्षा हितों को साझा करता है।”
बयान में कहा गया है, “कार्ययोजना रक्षा सचिव के स्तर पर एक सांस्थानिक प्रक्रिया की वकालत करती है, जो द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में आगे और इजाफा करेगी।”
एक अन्य समझौता प्रस्तावित 48 डिग्री पूरब में दक्षिण एशियाई उपग्रह की कक्षा आवृत्ति समन्वय को लेकर है।
एक समझौता ज्ञापन में पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग की परिकल्पना की गई है।
इसमें द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार, पर्यटन से संबंधित सूचनाओं व आंकड़ों का आदान-प्रदान, होटलों व पर्यटन संचालकों के बीच सहयोग को उत्साहित करना, मानव संसाधन विकास में सहयोग के लिए कार्यक्रमों का आदान-प्रदान तथा पर्यटन व होटल उद्योग में निवेश शामिल है।
बयान के मुताबिक, “मालदीव में प्राचीन मस्जिदों व अन्य ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण को लेकर एक समझौता किया गया है। इस तरह की परियोजना के लिए विस्तृत प्रस्ताव भारत पुरातत्व सर्वेक्षण व मालदीव विरासत विभाग तैयार करेंगे।”
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