नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को यहां तीसरे भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत ने हमेशा अफ्रीका के लिए आवाज उठाई और उसका साथ दिया है।
सुषमा ने कहा, “हमारा संबंध साम्राज्यवाद, उपनिवेशवाद, नस्लीय भेदभाव और रंगभेद के साझा संघर्ष की मुश्किल घड़ी में विकसित हुआ है। वह युग अब हमारे पीछे रह गया है, लेकिन उस साझा संघर्ष में जन्मी एकजुटता जारी है।”
उन्होंने भारत और अफ्रीका के 54 राष्ट्रों के बीच हुए इस शिखर सम्मेलन को एक ‘पारिवारिक पुनर्मिलन’ करार दिया।
सुषमा ने कहा, “अफ्रीकी देशों और सरकार के प्रमुखों का यह सम्मेलन एक पारिवारिक पुनर्मिलन की तरह है।”
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच की आधुनिक साझेदारी ‘आर्थिक विकास, तरक्की और सशक्तिकरण के स्तंभों पर टिकी हुई है।’
सुषमा ने अपने भाषण का समापन एक अफ्रीकी कहावत को उद्धृत करते हुए कहा। उन्होंने कहा, “यदि आप तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं, तो अकेले चलें। लेकिन यदि आप दूर तक जाना चाहते हैं, तो साथ चलें।”
उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत और अफ्रीकी संघ के राष्ट्रों के बीच व्यापार एवं निवेश बढ़ाने की एक पहल है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाददाताओं से कहा, “यह शिखर सम्मेलन भारत और अफ्रीका के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।”
भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन विदेश में अफ्रीकी नेताओं के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक बताया जा रहा है, जिसमें अफ्रीकी संघ के 54 देशों के 1,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
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