भूमि अतिक्रमण का आरोप साबित हुआ तो इस्तीफा : गोगोई

गुवाहाटी, 13 दिसम्बर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यदि साबित कर दे कि राज्य में वैष्णव समुदाय के आश्रमों (सत्रा) की भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है तो वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

गोगोई ने दीसपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अगर भाजपा राज्य में सत्रा की भूमि पर किसी एक विदेशी नागरिक द्वारा अवैध कब्जे का आरोप साबित कर दे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, अन्यथा उन्हें इस्तीफा देना होगा।”

गोगोई ने कहा, “राज्य में सत्रा की भूमि पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं हुआ है और अब तक किसी सत्रा ने अवैध रूप से अपनी भूमि पर कब्जा होने की कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है।”

गौरतलब है कि भाजपा की प्रदेश इकाई ने हाल ही में गोगोई के नेतृत्व वाली सरकार की अवैध बांग्लादेश घुसपैठियों द्वारा सत्रा भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए जाने को लेकर आलोचना की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राज्य के सत्रा में घुसपैठ बना ली है और सत्राओं को लेकर भाजपा राजनीति कर रही है।

गोगोई ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की शनिवार को बारपेटा सत्रा की यात्रा और रोड शो के संदर्भ में कहा कि भाजपा और आरएसएस ने राज्य के इस बेहद प्राचीन सत्रा में रहने वालों के एक वर्ग को राहुल का विरोध करने के लिए उकसाया।

गोगोई ने कहा, “हमें इसके बारे में पता चला है। भाजपा और आरएसएस ने सत्रा की कुछ महिलाओं को राहुल की बारपेटा सत्रा दौरे का विरोध करने के लिए उकसाया था। इसी वजह से राहुल शनिवार को शुरू में सत्रा में प्रवेश नहीं कर सके। हालांकि बाद में उन्हें प्रवेश मिल गया।”

उल्लेखनीय है कि लोगों के समूह ने खासकर महिलाओं के एक समूह ने शनिवार को बारपेटा सत्रा के निकट विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण कांग्रेस उपाध्यक्ष सत्रा में प्रवेश नहीं कर सके थे, यहां तक कि सत्रा को नमन किए बगैर ही उन्हें रोड शो करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने बाद में आरोप लगाया कि राहुल ने 500 वर्ष पुराने सत्रा में प्रवेश न कर असम वासियों का अपमान किया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493