भोपाल, 16 फरवरी (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 22 फरवरी को होने वाले कांग्रेस के विधानसभा घेराव व प्रदर्शन को लेकर लगाए गए होर्डिग और बैनरों को नगर निगम के कर्मचारियों ने पुलिस बल की मौजूदगी में हटा दिया। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर डरकर दमनकारी कार्रवाई करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा इसे सामान्य बात मान रही है।
कांग्रेस ने राज्य में हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 22 फरवरी को विधानसभा घेराव व प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसी के तहत पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे बड़ी संख्या में नेताओं के स्वागत में होर्डिग व बैनर लगाए थे, जिन्हें शनिवार की देर रात नगर निगम और पुसिल बल ने मिलकर हटा दिया।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने रविवार को कहा, “कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से सरकार डर गई है और उसने प्रदेश की मान्य परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए दोयम दर्जे के घिनौने हथकंडे अपना रही है। शहर की सड़कों के किनारे अनुमति लेकर लगाए गए बैनरों और पोस्टरों को दिन के उजाले में नहीं, रात के सन्नाटे में हटाया गया।”
वहीं भाजपा के सांसद आलोक संजर ने बैनर पोस्टरों को हटाए जाने को लेकर कहा कि यह कार्रवाई सामान्य प्रक्रिया है।
कांग्रेस ने प्रदेश में धड़ल्ले से हो रहे अवैध रेत खनन, भारी भ्रष्टाचार, आईएसआई जासूसी कांड में भाजपा नेताओं की भूमिका, व्यापम के माध्यम से रिश्वत लेकर मेडिकल छात्रों के कराए गए दाखिले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले, 2200 करोड़ रुपयों का कटनी हवालाकांड घोटाला सहित कई मुद्दों को लेकर 22 फरवरी को विधानसभा के घेराव का ऐलान किया था।
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