भोपाल– रेस्टोरेंट्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए समय- समय पर कई ऑफर्स चलाते हैं। इनमें कस्टमर्स डिस्काउंट कूपन से सबसे जल्दी आकर्षित होते हैं। हालांकि इसमें कुछ नियम और शर्तें भी रहती हैं। इसके हिसाब से होटल संचालक खाद्य पदार्थ पर छूट देते हैं। भोपाल के एमपी नगर स्थित बापू की कुटिया पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने रेस्टोरेंट पर यह फाइन सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी पाए जाने पर लगाया है। जिला उपभोक्ता आयोग, भोपाल ने अपना फैसला सुनाते हुए “बापू की कुटिया” को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक, शारीरिक तथा आर्थिक पीड़ा के एवज में 7 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 3 हजार रुपए यानि कुल 10 हजार रुपए का प्रतिकर का 2 महीने के अंदर भुगतान करें। यदि इस अवधि में राशि नहीं दी गई तो संपूर्ण राशि पर 9% वार्षिक ब्याज दर से भुगतान करना पड़ेगा।
दरअसल भोपाल के महामाई क्षेत्र निवासी जितेंद्र वर्मा ने आयोग में दायर परिवाद में बताया था। एमपी नगर स्थित “बापू की कुटिया” ने साल 2021 में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए डिस्काउंट कूपन निकाले थे। इसमें कस्टमर्स से 1700 रुपए लेकर 1 वर्ष की मेंबरशिप दी थी साथ ही आकर्षक डिस्काउंट देने का वादा भी किया था। इस स्कीम पर भरोसा करते हुए जितेंद्र वर्मा ने नवंबर 2021 में 1700 रुपए नगद अदा करके कूपन खरीदा था। हालांकि रेस्टोरेंट की तरफ से उन्हें आकर्षक डिस्काउंट और कूपन भी दिए गए थे।
वहीं 21 नवंबर को जितेंद्र वर्मा जब अपने परिवार के साथ बापू की कुटिया रेस्टोरेंट में गए थे। वहां खाना खाने के बाद जब बिल का पेमेंट कर रहे थे तो उन्होंने काउंटर पर डिस्काउंट कूपन का लाभ लेना चाहा। इस पर रेस्टोरेंट प्रबंधन ने कहा कि यह स्कीम नवंबर 2021 में ही बंद कर दी गई। सदस्यता के लिए दिए गए कार्ड और कूपन वापस ले लिए गए और किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई। इसके बाद वर्मा ने उपभोक्ता आयोग को पूरी घटना की शिकायत की और क्षतिपूर्ति की मांग की। वहीं बापू की कुटिया प्रबंधन का कहना था कि सदस्यता और कूपन संबंधी स्कीम को नवंबर 2021 में ही खत्म किया गया। उन्होंने इस सूचना को सभी उपभोक्ताओं को तक पहुंचा दी थीं। हालांकि जितेंद्र को इससे मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी थी।
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