इंफाल, 19 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते एक नवंबर से आर्थिक नाकेबंदी से जूझ रहे मणिपुर को और अधिक संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बल मुहैया कराने का गुरुवार को वादा किया।
राजनाथ सिंह ने ज्वाइंट फोरम फॉर पीस के 17 सदस्यीय दल से कहा कि असम से आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल पहले ही मणिपुर पहुंच चुके हैं। फोरम के सदस्यों ने गुरुवार सुबह राजनाथ सिंह से मुलाकात की।
ज्वाइंट फोरम फॉर पीस का गठन 22 दिसंबर, 2016 को 64 नागरिक संगठनों द्वारा किया गया था।
फोरम के संयोजक जॉनसन एलांगबाम के मुताबिक, वार्ता सौहार्दपूर्ण रही और गृह मंत्री ने उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुना। दल ने नाकेबंदी को लेकर गृह मंत्री को एक ज्ञापन दिया कि नाकेबंदी से किस तरह हर तबके के लोग परेशान हैं।
बताया जाता है कि राजनाथ सिंह ने फोरम के प्रतिनिधियों से कहा कि वह नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक-मुइवा (एनएससीएन-आईएम) से पहले ही कह चुके हैं कि वह देखे कि नाकेबंदी हटाई गई है या नहीं।
केंद्र सरकार से मणिपुर सरकार तथा अन्य गैर सरकारी संगठन (एनजीओ)आग्रह कर रहे हैं कि वह एनएससीएन (आईएम) को मुद्दे पर राजी करे, क्योंकि शांति वार्ता चल रही है। तर्क दिया गया है कि नाकेबंदी लगाने वाला यूनाइटेड नागा काउंसिल एनएससीएन का अग्रिम संगठन है।
फोरम के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। वे दिल्ली में एक सांकेतिक धरने की भी योजना बना रहे हैं।
मणिपुर के मुख्य सचिव ओ.नबाकिशोर ने पुराने सचिवालय में 23 जनवरी को होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेने के लिए यूएनसी को आमंत्रित किया था। उन्होंने यूएनसी के प्रतिनिधियों को इंफाल आने के दौरान पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया।
यूएनसी के मुताबिक, वार्ता अगर मणिपुर की राजधानी इंफाल में होती है, तो वह उसमें हिस्सा नहीं लेगा और कहा कि यह वार्ता या तो सेनापति जिले में होनी चाहिए या फिर दिल्ली में।
कांग्रेस सरकार को सांप्रदायिक तथा जनजाति विरोधी करार देते हुए यूएनसी मणिपुर में नागा लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहा है।
बुधवार रात 45 मिनट की बैठक के दौरान, राजनाथ सिंह ने कथित तौर पर मणिपुर के मुख्यमंत्री इबोबी सिंह से अतिरिक्त अर्धसैनिक बल की मदद से नाकेबंदी को खत्म करने को कहा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो केंद्र संविधान के तहत कार्रवाई करने को मजबूर होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई कार्यकर्ताओं ने इस कदम का यह कहते हुए स्वागत किया है कि इस तरह की व्यवस्था के तहत नाकेबंदी हटेगी और निष्पक्ष तथा स्वतंत्र चुनाव होंगे।
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