इम्फाल, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर में सत्तारूढ़ कांग्रेस का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को पार्टी के एक और विधायक फ्रांसिस नगाजोक्पा ने विधानसभा और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
फ्रांसिस गुरुवार की सुबह राज्यपाल टी. लोकेश्वर के कार्यालय पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया।
इसके बाद उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष टी. एन. हाओकिप को पार्टी की सदस्यता से अपना इस्तीफा-पत्र सौंपा।
फ्रांसिस ने आईएएनएस से कहा कि वह जल्द ही अपने अगले कदम के बारे में घोषणा करेंगे। अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम सकते हैं।
उधर फ्रांसिस के विधानसभा क्षेत्र तादुबी में आम लोगों ने सोमवार को एक सभा बुलाई थी, जिसमें फैसला लिया गया कि फ्रांसिस को तब तक क्षेत्र में प्रचार नहीं करने दिया जाएगा जब तक कि वह पार्टी से इस्तीफा नहीं दे देते।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में कांग्रेस के मौजूदा विधायक एवं पूर्व मंत्री युमखाम एराबोट कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए।
एक अन्य पूर्व मंत्री एवं मौजूदा विधायक एन. बिरेन ने भी विधानसभा से और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि अब तक वह किसी दूसरी पार्टी से नहीं जुड़े हैं।
हाओकिप ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें फ्रांसिस का इस्तीफा मंजूर करना पड़ा और साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वरिष्ठ पार्टी सदस्यों के पार्टी छोड़ने से सत्तारूढ़ दल को झटका लगा है।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, “संख्या की दृष्टि से देखें तो हालिया सदस्यों के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ता। अब तक सिर्फ तीन विधायकों ने पार्टी छोड़ी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के चार विधायक हमारी पार्टी में आ गए हैं।”
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में अब कांग्रेस के 50 विधायक रह गए हैं।
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