हाईकोर्ट ने सरकार के पूछा कि जवाहरबाग जो आम जनता का पार्क है, उसे धरना देने के लिए रामवृक्ष यादव को क्यों दिया गया था। रामवृक्ष को पार्क किन शर्तो पर दिया गया था और दो दिन बाद खाली क्यों नहीं कराया गया।
अदालत ने पूछा कि जनवरी, 2014 से अब तक कौन-कौन डीएम व एसएसपी मथुरा में पोस्टेड थे। उन्होंने पार्क को खाली कराने के लिए क्या कार्रवाई की थी और इस विषय में प्रमुख सचिव और गृह सचिव को मथुरा प्रशासन ने कितनी बार सूचित किया था और उन्होंने क्या कार्रवाई की।
हाईकोर्ट ने सवाल किया कि रामवृक्ष के खिलाफ 1 जनवरी, 2014 से अब तक कितनी शिकायत दर्ज हुई और कितने एफआईआर दर्ज हुए, कितनी चार्जशीट दाखिल की गई।
कोर्ट ने कहा कि इन सब की समस्त जानकारी प्रदेश सरकार अगली सुनवाई तक उपलब्ध कराए। इस मामले की अगली सुनवाई अब पहली अगस्त को होगी।
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